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Monday, 3 April 2023

डायरेक्ट सेलिंग में अपना परचम लहराना चाहते हैं, तो ये चार बातें आज ही जान लें !!! (Make a History in Direct Selling Industry)

 


आज मैं इस आर्टिकल में आप सभी को बताऊंगा कि आखिर वो कौन से ऐसे कारण है जिसकी वजह से बहुत सारे लोग डायरेक्ट सेल्लिंग में असफल हो जाते हैं।

आखिर ऐसे कौन से कारण हैं, कि डायरेक्ट सेलिंग जैसा प्लेटफार्म मिलने के बावजूद भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो इस इंडस्ट्री में असफल हो गए हैं या हो जाते हैं?

अगर आप डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में कामयाब होना चाहते हैं और अपने जिंदगी का हर वो सपना अचीव करना चाहते हैं, जिसे आप बहुत सालों से देखते आ रहे हैं तो आज के इस आर्टिकल में मैं आप सभी को चार ऐसे बातें बताने वाला हूं, जिसे जानना आपके लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

अगर आप मेरे द्वारा बताया गए इन 4 बातों को अच्छे से समझ लेते हैं तो आप डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में 100% सफल इंसान बन जाएंगे।

1. हर कोई Direct Selling के बारे में सकारात्मक बात कभी नहीं करेगा । 

सबसे पहली बात तो यह है कि ऐसा समय कभी नहीं आएगा कि जिस समय हर एक व्यक्ति डायरेक्ट सेलिंग के बारे में पॉजिटिव बात करें। आज के समय में जब आप डायरेक्ट सेलिंग के बारे में कोई नेगेटिव वीडियो देखते हैं तो उस वीडियो को देखने के बाद आप बिल्कुल परेशान हो जाते हैं। आपका मूड खराब हो जाता है और आप अच्छे से काम भी नहीं कर पाते हैं । और आप कई बार तो एकदम निराश हो जाते हैं तो आप यह विश्वास कीजिए कि आपकी सफलता खतरे में है ।

अब आप यह सोच रहे होंगे कि सफलता खतरे में क्यों है?

तो मैं आप सभी को यह बता दूं कि, क्योंकि हमेशा डायरेक्ट सेलिंग के बारे में लोग नेगेटिव बातें बोलते रहेंगे।

तो ऐसे में अगर आपको ऐसा लगता है कि कभी तो ऐसा दौर आएगा जब सारे लोग डायरेक्ट सेलिंग के बारे में पॉजिटिव बातें करेंगे, तो सबसे पहले तो आप इस बात को ध्यान में रखें कि ऐसा दौर कभी नहीं आएगा कि सारे लोग डायरेक्ट सेलिंग के बारे में पॉजिटिव बोलेंगे ।

क्यूंकि सारे व्यक्ति किसी एक ही विचार से सहमत हो जाएं यह जरूरी नहीं है, क्योंकि कुछ लोग पहले भी डायरेक्ट सेलिंग को लेकर नेगेटिव थे और आज भी नेगेटिव है, डायरेक्ट सेलिंग को लेकर आगे भी नेगेटिव ही रहेंगे।

शुरुआती दौर में जब सारे लोग डायरेक्ट सेलिंग को लेकर नेगेटिव थे तो वह सिर्फ इसलिए नेगेटिव थे, क्योंकि उनका मानना यह था कि डायरेक्ट सेलिंग तो इंडिया में चलेगी ही नहीं।

लेकिन पिछले 27 सालों से लेकर आज तक हर रोज वैसे लोग गलत साबित हो रहे हैं जो लोग यह सोचते थे कि डायरेक्ट सेलिंग तो इंडिया में चलेगी ही नहीं ।

डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में प्रतिदिन लाखों लोग जुड़ रहे हैं और लाखों लोगों की जिंदगियां बदल रही है । तो ऐसे में अगर जब कोई व्यक्ति हर रोज गलत साबित होगा तो वह डायरेक्ट सेल्लिंग के बारे में नेगेटिव तो बोलेगा ही ।

इसलिए आप इस सोच के साथ डायरेक्ट सेलिंग बिजनेस में आगे बढिए की ऐसा दौर कभी भी नहीं आएगा जब सारे लोग डायरेक्ट सेल्लिंग के बारे में पॉजिटिव बातें करेंगे ।

2. सारे लोग कभी सफल नहीं हो सकते । 

यहां पर मैं आप सभी को यह बताना चाहूंगा कि ऐसा भी दौर कभी नहीं आएगा जब डायरेक्ट सेलिंग में जितने लोग जुड़ेंगे वह सारे लोग सफल हो जाएं । अगर आप यह सोच रहे हैं कि कभी तो ऐसा दौर आएगा कि जितने भी लोग डायरेक्ट सेलिंग में जुड़े होंगे वह सारे लोग कामयाब हो जाएंगे ।

लेकिन मैं आप सभी को यह बताना चाहूंगा कि ऐसा कभी नहीं होगा, क्योंकि यह नेचुरल है क्योंकि हर इंसान के अंदर हर एक चीज के लिए इतनी तड़प नहीं होती है । उतना उत्साह नहीं होता है, वह इंसान उतना त्याग नहीं कर पाता है, जितना सफल होने के लिए आवश्यक है ।

अगर आपको यह लग रहा है कि कुछ ऐसा हो जाए की असफलता की कहानियां ही ना मिले और मैं सारे लोगों को यह दिखा सकूं कि डायरेक्ट सेल्लिंग में सारे लोग सफल हो जाते हैं तो आप बहुत बड़े मुर्ख हैं और आपकी सफलता खतरे में है ।

और आप हमेशा यह याद जरूर रखिए कि लोग आपको असफल लोगों का एग्जांपल देंगे ।  वह लोग यह बोलेंगे कि मेरे चाचा के लड़के इसमें जुड़े थे वह भी असफल हो गये ।

मेरा भाई जुड़ा था वह भी असफल हो गया, मेरा फ्रेंड जुड़ा था वह भी असफल हो गया इस तरह के लोग एग्जांपल देने लगेंगे।

और आपको यह महसूस कराने की कोशिश करेंगे कि लोग डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में कामयाब नहीं होते हैं ।

लेकिन आप इस बात को याद रखिएगा कि समझदार लोग वो नहीं होते हैं जो असफल लोगों की कहानियां सुनकर रुक जाते हैं बल्कि समझदार लोग वो होते हैं जो सफल लोगों की कहानियां सुनते हैं और आगे बढ़ते हैं ।

इसलिए जब भी लोग आपको असफल लोगों की कहानियां सुनाएं तो आप चिंतित मत होइए क्योंकि आप असफल होने के लिए पैदा नहीं हुए हैं । आप सफल होने के लिए पैदा हुए हैं, आप अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करने के लिए पैदा हो गए हैं।

3. जो रुकता है उसी को सब कुछ मिलता है 

यहां पर मैं आप सभी से यह कहना चाहूंगा की जो रुकता है उसी को सब कुछ मिलता है, यह डायरेक्ट सेलिंग की सबसे अच्छी खासियत है कि यहां पर रुकने वाले को सब कुछ दे दिया जाता है। लेकिन आपको एक कंपनी में लगातार अपना समय देते हुए हमेशा मेहनत भी करनी होगी । 

इस इंडस्ट्री में सिर्फ वही लोग असफल होते हैं जो हार मानकर इस बिजनेस को पहले ही छोड़ कर चले जाते हैं।

जो लोग यह मान लेते हैं कि इस बिजनेस में कुछ भी नहीं मिलेगा, इसमें कोई भी सफल नहीं होता है, तो वही लोग असफल हो जाते हैं जो लोग ऐसा सोच रखते हैं ।

जो व्यक्ति हर परेशानियों को झेलते हुए भी इस इंडस्ट्री में रुका रहता है और चलता रहता है, और अपने अंदर विश्वास रखता है कि इस इंडस्ट्री में एक दिन वह दौर भी आता है जब वह कामयाब होता है ।

और कई बार तो ऐसे भी सपने पूरे हो जाते हैं, जिस सपनों के बारे में वह सोचा भी नहीं था, इसलिए आप इस बात को हमेशा याद रखिएगा की जो इस इंडस्ट्री में रुकता है, उसे इस इंडस्ट्री में सब कुछ मिलता है।

4. डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में आपकी सफलता किसी दूसरों की बदौलत नहीं मिलती है । 

अगर उपरोक्त 3 बातों को जानने के बावजूद भी आप इस चौथे बात को नहीं जानेंगे तो आप कहीं ना कहीं असफलता की कगार पर खड़े होंगे ।

क्योंकि डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में आपकी सफलता किसी दूसरों की बदौलत नहीं मिलती है, बल्कि डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में आपकी सफलता आपके बदौलत ही मिलती है ।

कई लोग सोचते रहते हैं कि कोई बहुत ही अच्छा डाउनलाइन आ जाता तो मेरी जिन्दगी ही अच्छी हो जाती, कई लोग यह भी सोचते हैं की कोई बहुत अच्छा अपलाइन होता तो मैं बहुत जल्द कामयाब हो जाता ।

जो यह सोचते हैं कि कोई बहुत ही मशहूर अपलाइन मिल जाता तो मेरी जिंदगी बदल जाती तो ऐसा कभी भी नहीं होगा ।

अगर आप दूसरों के बदौलत सफल होने का सपना देख रहे हैं, और अगर गलती से आप सफल भी हो गए तो आप कुछ समय के लिए ही सफल होंगे, हमेशा के लिए सफल नहीं हो पाएंगे।

अगर आप यह चाहते हैं कि जिंदगी में सफलता इस तरह से हासिल कर लें कि वह सफलता जिंदगी में कभी भी छोड़कर जाने के लिए तैयार ना हो ।

तो आपको अपने ऊपर विश्वास करना होगा, अगर आप इस बात को नहीं समझेंगे तो आप जिंदगी भर दूसरों के भरोसे सफल होना चाहेंगे और जिंदगी भर इधर-उधर भटकते रह जाएंगे और आप कभी भी अपने अंदर की शक्तियों को नहीं समझ पाएंगे। कभी भी आप यह मत सोचिए कि अगर कोई ऐसा मिल जाता जिसकी बदौलत मैं सफल हो जाता तो ऐसा कभी भी नहीं हो पाएगा । आप हमेशा यह सोचिए कि मुझे अपने दम पर सफल होना है, और दूसरों का सहारा बनना है ।

तो यही 4 बातें हैं डायरेक्ट सेलिंग की जिसको अगर आप अच्छे से समझ लेते हैं तो डेफिनेटली आप डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में कामयाबी का इतिहास रच देंगे ।


अंत मे मैं यही कहूंगा कि आपलोग आपने उन सभी एसोसिएट साथियों को भी ये बाते बताएं तथा उनको आगे बढ़ने में मदद करें। और हमारे साथ जुड़ें रहें । जुडने के लिए इस पेज को फॉलो करें www.namastekashiwellness.blogspot.com



Monday, 20 March 2023

ये 6 बातें एक Upline अपने Downline को सीखा दिया तो...उसका Downline उसको छोड़कर कभी नहीं जाएगा !!!


ये 6 बातें  एक Upline अपने Downline को सीखा दिया तो...उसका Downline उसको छोड़कर कभी नहीं जाएगा !!!


दोस्तों, आज हम सब ये जानेंगे कि नेटवर्क मार्केटिंग में लोग जुड़ते तो बहुत जल्दी हैं, लेकिन उसी स्पीड से उस कंपनी से बाहर भी हो जाते हैं । आखिर उनके साथ ऐसा क्या होता है और क्यों होता है कि वे लोग बहुत जल्दी क्विट कर जाते हैं । 

जब भारत सरकार ने नई गाइडलाइन जारी किया है तब से लोगों के मन में नेटवर्क मार्केटिंग के प्रति नजरिया बदला है । लेकिन इस इंडस्ट्री में अक्सर ये देखा जाता है की कुछ लोग बहुत जल्दी अपने टीम में लोगों को ज्वाइन करा लेते हैं, परन्तु उतनी ही जल्दी वे लोग छोड़ के भी चले जाते हैं। इसका एक ही कारण है की Upline को अपने नए Downline को गाइड करना नही आता है, कि एक नए डाउनलाइन को क्या सिखाना चाहिए और क्या नहीं। और अपलाइन की कुछ गलतियों की वजह से एक नया डाउनलाइन सही से इस बिजनेस को सीख नही पाता और बाद में निगेटिव होकर छोड़ कर चला जाता है।

फ्रेंड्स साथ साथ मे ये भी बताता चलूँ की नेटवर्क मार्केटिंग एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है, और 100% प्रोफेशनल बिजनेस है । अगर आपको इस इंडस्ट्री के बारे में और आप जिस कंपनी में जुड़ें हैं उसके बारे में अगर पूरी जानकारी नही रखेंगे तो आपकी टीम को टूटते देर नही लगेगी । यह बिजनेस सभी बिजनेस से बिल्कुल अलग इसलिए होता है, क्योंकि इसमें आपको शुरूआती समय में मेहनत, सपनों, टीम बिल्डिंग, टीम एजुकेशन, टीम मैनेजमेंट और PDP (पर्सनालिटी डेवलोपमेन्ट) पर जम कर काम करना पड़ता है । अगर आपके अंदर ये सब गुण नही है तो आप कामयाब नही हो सकते हैं ।

तो आज इस आर्टिकल में मैं आप सभी को एक अपलाइन की जिम्मेदारी (Upline Responsibility in Network Marketing) के बारे में बताऊंगा की उसे अपने किसी भी नए डाउनलाइन या टीम मेंबर को ये छे (six) चीजें सिखाना चाहिए जिससे वह कभी भी इस बिजनेस को छोड़ के नही जाएगा और इस बिजनेस में निगेटिव नही होगा।

1. कंपनी की खूबियां और प्रोडक्ट्स की जानकारी पूरी तरह से दें । 

जब आप किसी को अपने टीम में जोड़ते हैं, तो सबसे पहले उस प्रोस्पेक्ट को कंपनी की सारी जानकारियां, डाइरेक्ट सेलिंग के बारे में Basics और अपनी कंपनी के प्रोडक्ट के बारे में अच्छी तरह से बताने के साथ साथ टेस्टिमोनीयल विडियो भी दिखाएँ । साथ साथ उसके पास बैठ कर उसकी लिस्ट बनवाएँ और उसको काम की शुरुवात करवाएँ और उसको ज्यादा पैसे कमाने का तरीका बताएं ।   

2. उसे अपने ट्रेनिंग सिस्टम के साथ तुरंत जोड़ दें 

जब भी आपके साथ कोई नया टीम मेंबर जुड़ता है तो तुरंत उसे अपने ट्रेनिंग सिस्टम के साथ कनेक्ट कर देना चाहिए, चाहे आपकी डेली ट्रेनिंग होती हो, सेमिनार हो, ऑफलाइन ट्रेनिंग हो या ऑनलाइन ट्रेनिंग हो, लाइव ट्रेनिंग हो या रिकॉर्डेड ट्रेनिंग हो। उसे हर जगह कनेक्ट कर दें ताकि वह जल्दी से जल्दी इस बिजनेस को सीख सके और इस बिजनेस की पोटेंशियल को समझ सके।

3.  Three Layer डीप ट्रेनिंग दें 

बहुत सारे Uplines ये आम गलती करते हैं, कि वे जब किसी प्रोस्पेक्टस को Join करते हैं तो केवल उसको थोड़ा बहुत जानकारी देकर तुरंत दूसरे प्रोस्पेक्टस को ढूंढने लग जाते हैं, और अपने उस Downline को भूल जाते है, इसलिए वो आपकी टीम से जल्दी  टूटकर बाहर चला जाता है । आप जब भी किसी को जॉइन करें उनको 3 Layer Deep ट्रेनिंग रुल को बताएं । यानी कि, आप अपने टीम के थर्ड लाइन नीचे तक (3 Layer तक) के प्रोस्पेक्टस को ट्रेनिंग दें और उनसे भी यही करने को प्रेरित करें । इससे आपके नीचे जो टीम बनेगी वो एक बेहतर टीम बनेगी और एकजुट रहने के साथ एजुकेट भी रहेगी  । 

4. उसके गोल को डिसाइड करो 

नेटवर्क मार्केटिंग में जब कोई नया आता है तो उन्हें इस बिजनेस की पोटेंशियल के बारे में ज्यादा नहीं पता होता जिसके वजह से उनके Goals भी छोटे होते हैं। लेकिन कई बार कुछ अपलाइन ये गलती करते हैं की यदी कोई डाउनलाइन दस हजार कमाने के लिए इस बिजनेस में आया है तो उसे एक करोड़ कमाने की नसीहत देने लगते हैं, जबकि वे खुद नही पाते। तो दोस्तों आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, सबसे पहले डाउनलाइन की Need को समझो, की उसका Desire क्या है, वह कितना कमाना चाहता है फिर उसके Need के अनुसार उसका Goal डिसाइड करो। अगर उसकी सोच दस हजार की है तो उसे बता सकते हो की आप इस बिजनेस से एक लाख भी कमा सकते हो ।

5. उसे कैसे काम करना चाहिए, के बारे में समझाओ 

नेटवर्क मार्केटिंग में नया ज्वाइन हुआ प्रोस्पेक्ट एक प्राइमरी क्लास के बच्चे की तरह होता है, उसे इस बिजनेस के बारे में कुछ नही पता होता है, वो एक कुम्हार के कच्चे मिट्टी की तरह है और अभी से आप उसको जैसे सांचे में ढलोगे वो वैसे ही बनेगा। इसलिए उसे रोज की Activity के बारे में बताओ की उसे रोज क्या करना है। उसने जो Goal बनाया है उसे हासिल करने के लिए काम भी करना होगा, उसको बेसिक से सिखाओ की उसे नेम लिस्ट कैसे बनाना है, इन्विटेशन कैसे करना है इत्यादि।

6. उसे नेगेटिविटी से बचाएं 

जब कोई नया प्रोस्पेक्ट नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़ता है तो उसे इस बिजनेस की ज्यादा समझ नही होती है और जब वह अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या अन्य किसी पहचान वालों को इस बिजनेस में इन्विटेशन करना शुरू करता है तो कई बार कुछ लोग उसे ही नेगेटिव करने लगते हैं की तू फंस गया है, नेटवर्क मार्केटिंग बेकार काम है और ना जाने क्या क्या उसको सुना देते हैं, जिसके वजह से उस नए डाउनलाइन को भी लगता है की शायद वे सही बोल रहें हैं, मुझे यह बिजनेस नहीं करना चाहिए और नेगेटिव होकर वो भी छोड़ देते हैं। तो दोस्तों इस बात को आपको समझना होगा की जब भी कोई नया व्यक्ति इस बिजनेस में जुड़ता है तो उसे नेगेटिविटी से बचा के रखना है जबतक वह इस बिजनेस की अच्छे से समझ नही जाता। क्योंकि जिन लोगों को नेटवर्क मार्केटिंग की पोटेंशियल के बारे में पता नही होता और इसके सिद्धांत को नही समझते वही लोग इस बिजनेस की बुराई करते हैं, और दूसरों को भी ना करने की सलाह देते हैं। तो यह आपकी जिम्मेदारी बनती है, कि एक नए प्रोस्पेक्ट को निगेटिविटी से बचाना और उसे सही गाइड करना ।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपने ये छः बातें जानीं जो आपको एक नया डाउनलाइन को सीखना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर केस में यही होता है की नए प्रोस्पेक्ट को पता ही नही की ज्वाइनिंग के बाद उसे अब करना क्या है और उसका अपलाइन भी उसपर ध्यान नही देता जिसके वजह से वह जितना जल्दी ज्वाइन करता है उतनी ही जल्दी छोड़ के भी चला जाता है। तो दोस्तों यह एक अपलाइन की जिम्मेदारी (Upline Responsibility in Network Marketing) है की वह अपने नए डाउनलाइन को यह छः चीजें सिखाए, ताकि वह भी इस बिजनेस में एक सफल लीडर बन सके।


"यह आर्टिकल पढ़कर आपको अगर अच्छा लगा और आपको कुछ सीख मिली तो इस पोस्ट को अपने बाकी सभी लीडर्स को भी साझा करें, ताकि वो भी नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में ज्यादा से ज्यादा अपने Downline को समझा सकें। "

Tuesday, 21 February 2023

Direct Selling Industry को जॉइन करने का सही समय आ गया है !!!

 


नेटवर्क मार्केटिंग (डायरेक्ट सेलिंग) कंपनी में जॉइन करने का सबसे 

सही समय क्या आ चुका है  ?

दोस्तों, डायरेक्ट सेलिंग या Multi Level Marketing (MLM) आने वाले 5 सालों में इंडिया में धूम मचाने वाला है, यह बिजनेस साल 2025 तक इंडिया में अपने चरम पर होगा, इसकी मार्केट कैप्टलेजेसन देश में सभी बिजनेस को पीछे छोड़ देगा । इसके ऊपर आज की तारीख में सरकार भी बहुत ही संजीदगी से काम कर रही है, और महीने दर महीने इसकी ग्रोथ रेट बहुत तेजी से ऊपर बढ़ रही है।  और ये बात में ऐसे ही नहीं बोल रहा हूँ इसमें 100% सच्चाई हैं । आप WFDSA का 2021-2022 का annual रिपोर्ट भी देख सकते हैं।

यहां पर मैं आपको अगर वर्ल्ड के दूसरे विकसित देशों को उठा कर देखें तो, उन सभी कन्ट्रीज के अंडर नेटवर्क मार्केटिंग (Direct Selling) को बहुत ही ज्यादा महत्व दिया जाता है,  क्योंकि, Network Marketing (डायरेक्ट Selling) लोगों का बिज़नेस हैं, और जब तक दुनिया में लोग रहेंगे तब तक ये बिज़नेस जोरदार तरीके से चलता रहेगा ।

बहुत सारे लोगों को इस बिजनेस की सही जानकारी न होने के कारण इसको फसने-फसाने वाला बिजनेस या काम बोलते हैं या ये भी कहते हैं कि, ये चैन मार्केटिंग (या chain बनाने वाला) सिस्टम भी कहते हैं । कुछ लोग तो ये तक बोलते हैं कि जिसके पास कोई काम नही होता, या जो निठल्ले होते हैं वो लोग इस बिजनेस को करते हैं। 

मैं उनसे सहमत भी हूँ, क्योंकि उन लोगों के पास अभी तक इस बिज़नेस की प्रॉपर जानकारी नहीं पहुंच पायी हैं । या वे लोग किसी फ़्रॉड, पोंजी स्कीम या मनी लांड्रिंग, मनी सर्कुलेशन जैसी कंपनियों के शिकार बन चुके है। और यही मुख्य कारण है कि लोग अपने साथ-साथ जो इस बिजनेस को कभी किये नही है, उन लोगों को भी गलत जानकारी दे चुके हैं। और मैं ये भी बताना चाहता हूं कि,  दुनियाँ में कुछ काम ऐसे भी होते हे जो लोगो को आसानी से समझ में भी नहीं आते हैं । 

हमें लोगों की मानसिकता बदलनी होगी । इसके बारे में सही जानकारी सभी को देनी होगी । इसके ऊपर Indian Govt के नए गाइडलाइन को सभी को बताना होगा । नई गाइडलाइन को सरल तरीके से पढ़ने के लिए आप मेरे ब्लॉग पर विजिट भी सकते हैं । वहाँ पर सारी जानकारियां बहुत ही सरल हिंदी भाषा मे बताई गई हैं । और मैं इतना दावे के साथ कह सकता हूँ, कि अगर आप उस पोस्ट को पढ़ लेते हैं, तो आप कभी भी किसी गलत कंपनी का शिकार नही होंगे ।

आइये, आपको एक साधारण से Example से समझता हूँ, हम लोग दिन भर Facebook और Whatsapp का कितना यूज़ करते हैं और इसके लिए आपसे एक पैसा भी नहीं लिया जाता है, तो आप ये सोचिये की उनकी कमाई कैसे होती हैं और जबकि कमाई के मामले में Facebook दुनिआ में टॉप 3 बिज़नेस में आता है । कुछ लोग सोचते हैं अगर फेसबुक आपसे पैसा नहीं ले रहा तो कमाता कैसे हैं? कुछ लोग सोचते हैं कि, फेसबुक की कमाई कैसे होती हे? कुछ लोग सोचते है कि कमाई होती भी है या नहीं, और कुछ लोग इसके बारे में रिसर्च करना नहीं चाहते हैं ।  दोस्तों सबसे पहले आपके लिए ये जानना जरूरी हैं की कोई इंडस्ट्री बनती कैसे हैं और चलती कैसे हैं । किसी भी नयी इंडस्ट्री को चलने के लिए उसे 4 चरणों से गुजरना ही पड़ता हैं । 

1. नकारात्मक चरण । 

2. सकारात्मक चरण । 

3. विकास चरण । 

4. प्रतिस्पर्धा चरण । 

1.   NEGATIVE PHASE (नकारात्मक चरण)

Negative Phase हर नई इंडस्ट्री को झेलना पड़ता हैं, जब भी Market में कोई नया बिज़नेस आता हे तो लोग पहले- पहले उसे ठीक से समझ नहीं पाते और उसे इग्नोर कर देते हैं । जैसे पहले आपलोग देखे होंगे की, बैंकिंग सेक्टर, इंश्यूरेंस, टेलीकॉम और आईटी इंडस्ट्री के साथ भी हुआ था । पहले न तो कोई बैंक में पैसा रखता था और न ही इन्शुरन्स लेता था क्युकी पहले लोगो को किसी पे भरोसा नहीं था लेकिन देखिये आज ये वही इंडस्ट्री हैं जिनके बिना किसी भी राज्य की कल्पना करना असंभव हैं । 

2.  POSITIVE PHASE. (सकारात्मक चरण)

ये वो टाइम होता हे जब लोग का इंडस्ट्री के ऊपर ट्रस्ट बढ़ने लगता हैं, और उनका भरोसा निर्भर करता हैं रिजल्ट्स पर, और जो लोग उस टाइम इंडस्ट्री में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे होते हैं या जो इंडस्ट्री को इग्नोर करते हैं, वो रिजल्ट देखने के बाद उस इंडस्ट्री में दिलचस्पी लेने लगते हैं, जैसा की बैंकिंग इंडस्ट्री और  इन्शुरन्स इंडस्ट्री के साथ हुआ था, इन्शुरन्स की वैल्यू लोगों को तब पता चली, जब किसी दुर्घटना के बाद उसके घरवालों को पैसा मिला होगा । 

3.  GROWTH PHASE. (विकास चरण)

जब एक बार किसी इंडस्ट्री पर लोगों का भरोसा होने लगता हैं, तो उसकी ग्रोथ बहुत जल्दी होने लगती हैं, क्युकी ऐसे फेज में लोगों को ज्यादा समझाने और बताने की जरूरत नहीं होती हैं और जब तक कोई कंपनी ग्रोथ फेज में नही आ जाती है, लोग उसके साथ जुड़ना पसंद नहीं करते हैं,  और जैसे कंपनी Growth Phase में एंटर करती हैं तो लोग उसके साथ इन्वेस्टमेंट के साथ साथ काम भी करना सुरु कर देते हैं ।

4.   COMPETITION PHASE. (प्रतिस्पर्धा चरण)

हर एक कंपनी के अंदर ही एक वक़्त ऐसा आता है, जब कंपनी के अंदर ही कम्पटीशन बढ़ने लगता है । कंपनी की ग्रोथ को देख कर ही मैक्सिमम लोग कंपनी से जुड़ना शुरू कर देते हैं, और ज्यादा लोग जुड़े होते हैं, तो ज्यादा प्रॉफिट के चक्कर में लोगो के अंदर ही कम्पटीशन होने लगता हैं, फिर चाहे कोई भी सेक्टर हो बैंकिंग, टेलीकॉम, या फिर ऑनलाइन शॉपिंग । आज के टाइम हर सेक्टर में बहुत ही हाई लेवल का कम्पटीशन हैं ।

इतना कुछ बात होने के बाद आपके भी मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि, आखिर वो सही समय कौन सा है? जिस समय मे मैं किसी इंडस्ट्री को जॉइन करूँ और सक्सेज हो जाऊं ?

BEST TIME TO JOIN IN DIRECT SELLING INDUSTRY

डाइरैक्ट सेलिंग को जॉइन करने का सही समय  


आपके लिए सबसे बेस्ट टाइम हो सकता हैं "नेगेटिव फेज" (Negative Phase), क्योंकि किसी भी कंपनी के नेगेटिव फेज में लोगों का ट्रस्ट नहीं होता । अगर आप बिज़नेस मॉडल को ठीक से समझ पा रहे हैं, और आपका ट्रस्ट उस Industry पर बन रहा है, तो आप बिना झिझके उस कंपनी को नेगेटिव फेज में ही ज्वाइन कर लीजिये । क्योंकि, ऐसा करने से आपका Growth Rate बहुत ज्यादा हो जाता है। और ऐसे में आपके कम्पटीशन के लिए भी कोई खड़ा नहीं होता है । 

इस पोस्ट के जरिए मैं आपलोगों को ये बताना चाहता हूँ कि, आप सभी के लिए बहुत जरूरी हैं, की आप कंपनी के सारे फेसेस को अच्छे से समझिये और जानिए । कंपनी के Composition Plan (संरचना के प्लान) को अच्छे से समझिये, उसकी Core Value को समझने का प्रयास करिए, Company के Policies को समझिये । नेगेटिव फेज में काम सुरु करने से Growth Rate बहुत ज्यादा होता है । 

दोस्तों, आज हर एक डायरेक्ट सेलर एक बेहतर कंपनी के साथ -साथ बेहतर प्लेटफार्म की तलाश में लगा हुआ है, लेकिन भारत देश में जब से सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग के ऊपर नई गाइडलाइंस जारी की है, तब से लेकर आज तक ज्यादातर लोगों को नई गाइडलाइन के बारे में सही जानकारी न होने के कारण आज भी अपने देश की भोली भाली जनता के साथ बहुत सी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां खिलवाड़ करके, यानी उनको अपने जाल में आसानी से फसा कर लूट-पाट कर भाग जा रही हैं । 

मेरे कहने का मतलब यही है कि, आप सभी लोग जानकर बनें, अपने भारत सरकार की नई गाइडलाइन को ध्यानपूर्वक पढ़ें, आसान भाषा मे गाइडलाइंस को समझने के लिए मेरे पेज पर visit करें, वहाँ पर सारी जानकारियां डिटेल में दी हुई हैं ।  


"दोस्तों, मैं ये आशा करता हूँ कि, आप सभी लोगों को मेरा ये पोस्ट (Direct Selling को जॉइन करने का सही समय आ गया है) पढ़कर डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के बारे जानकारी और आपके कैरियर का एक कदम आगे बढ़ाने में साहस जरूर मिलेगा । ऐसे ही और पोस्ट के लिए मेरे पेज को फॉलो करें ताकि जो भी पोस्ट डालूं आप सभी लोगों को मिलता रहे ।"  

Saturday, 11 February 2023

पर्सनालिटी डेवलपमेंट (Personality Development)के 12 मूल मंत्र

 



PERSONALITY DEVELOPMENT

दोस्तों,  मैं आप सभी लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से बताना चाहता हूँ, कि आप सभी इस 12 मूल मंत्र को अगर अपने लाइफ में गहराई से उतार लें तो आप अपने गोल को बहुत ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं । आप कही भी, किसी सेक्टर में काम करते है, वहाँ पर आपकी पर्सनालिटी बहुत मायने रखती है । आइये जानते है, वो 12 मूल   मंत्र :- 

1.   अच्छी आदतों का विकास :-

सबसे पहले आपको अपनी पर्सनालिटी को डेवलप करने के लिए आपको अपनी अच्छी आदतों का विकास करना होगा। क्योकि पर्सनालिटी डेवलपमेंट में आपकी आदतें बहुत सहायक होती है। अगर आप सफल लोगों की तरह सफल होना चाहते हैं, तो आपको उनकी तरह ही, अच्छी आदतों का विकास करना होगा। आदतें आपको न केवल एक सफल व्यक्ति बनाती है, बल्कि आदतें आपको एक अच्छा इंसान भी बनाती हैं ।

2.   अपने जूनून का पालन करें :-

अगर आप अपने जीवन में सुखी और सफल बनना चाहते हैं, तो अपने पैशन (जूनून) को फॉलो करें , अर्थात वो काम करें जो आपको करने में मजा आता हो। अगर आप वही काम करते है जो काम आपको करने में मजा है, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। 

अगर आप वही काम करते है जो आपको अच्छा लगता है। तो आप उस काम को करने में कभी भी थकान महसूस नहीं करते है। न ही आपको समय का पता चलता है। इसलिए कभी भी वही काम करे जो आपको करने में मजा आता हो । आपको दिन-रात, सोते-जागते हर समय आपको अपने जूनून का ध्यान रहना चाहिए, कि इस काम में जल्दी से जल्दी कैसे सफलता प्राप्त किया जाय । और जब आपकी सोच इस तरह से होने लगेगी, तो आप बहुत जल्दी अपनी कामयाबी को हासिल कर पाएंगे । 

3.   लगातार प्रयास करते रहें :- 

पर्सनालिटी डेवलपमेंट का अहम हिस्सा है, "लगातार प्रयास करना" यानी आप जो काम करते हैं अगर उसका लगातार प्रैक्टिस करते हैं, तो एक दिन जरूर आप उस काम में काफी निपुण हो जाएंगे । हर दिन एक नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ ही अपने काम की शुरूआत करें । आपने ये कहावत तो जरूर सुनी होगी "प्रयास ही मनुष्य को परिपूर्ण बनाता है । 

कई लोगो के मन में सवाल आता है कि "प्रयास कैसे करे"? इसके लिए आपको प्रैक्टिस करना पड़ेगा, और इसके लिए आप नए नए लोगो से मिलकर उनसे बात कर सकते हैं। और अपने शीशे के सामने खड़े होकर भी प्रैक्टिस कर सकते है ।लगातार प्रैक्टिस ही एकमात्र ऐसा नियम है, जो आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति बहुत ही जल्दी करवा सकता है । 

4.   हमेशा सकारात्मक रहें :- 

मन और बुद्धि का अगर कोई विकास करता है, तो वो है 'सकारात्मक सोच' । हमेशा सकारात्मक रहें और सबसे सकारात्मक बातें ही करें। कभी भी किसी के सामने नकारात्मक बातें ना करें, यदि आप ऐसा करते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति आपसे दूर भागने लगेगा । क्योंकि, लोगों को ये लगने लगता है, कि यह व्यक्ति खुद तो नेगेटिव है, और अगर हम उससे बातें करेंगे तो हम भी नेगेटिव हो जायेंगे । 

कहा जाता है की गन्दी मछली पुरे तालाब को गन्दा कर देती है इसी प्रकार अगर कोई व्यक्ति नकरात्मक बातें करता है तो कोई भी व्यक्ति उससे दूर भागता है। 

5.   खुद पर भरोसा जरूर करें :- 

"खुद पर भरोसा" पर्सनालिटी डेवलपमेंट का महत्वपूर्ण तथा अहम् बिंदु माना जाता है। आपको खुद के ऊपर पूर्ण विस्वास होना चाहिए। तो ही आप जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। देखा गया है की ज्यादातर लोग जो खुद पर भरोसा नहीं करते, वो अपने जीवन में उदास रहते हैं । जो लोग खुद पर भरोसा नहीं करते वो फेल हो जाते हैं । चाहे दुनिया आप पर से भरोसा करना बंद कर दे। आप कभी भी खुद पर भरोसा करना बंद न करें । 

देखा जाये तो आजकल का हमारा वातावरण ऐसा हो गया है की मनुष्य की सफलता का अनुपात बहुत कम हो चुका है। आखिर इसका कारण क्या है ? 

इसका कारण समाज के लोग हैं, जो हमें बात-बात पर डिमोटिवेट करते रहते है। आपको एक बात समझनी ही पड़ेगी की समाज के लोग तो आपको निचा दिखाएंगे ही, परन्तु आपको हमेशा पॉजिटिव रहना होगा तभी आप अपने जीवन में सफल हो सकेंगे।

6.   सबका आदर जरूर करें :- 

सबका आदर करना सीखें । यानि कोई भी व्यक्ति हो उसके प्रति आदर भाव सम्मान रखें । यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपकी पर्सनालिटी खुद ही डेवलप होने लगाती है । आपको हर किसी का आदर करना चाहिए । अगर आप बुजुर्ग, जवान, बच्चे सभी के साथ आदर के साथ बात करते हैं, तो सामने वाले भी आपसे आदर के साथ बात करते हैं । और वो आप के ऊपर विस्वास करने लगते है। जिससे की समाज में आपकी इज्जत और भी बढ़ जाती है ।  

अगर आप सभीलोगों का आदर करते हैं, तो यह आपकी पर्सनालिटी के साथ-साथ आपकी कम्युनिकेशन स्किल में भी बहुत सहायता करता है । 

7.   खुद के प्रति ईमानदार रहें :- 

जो लोग खुद के प्रति ईमानदार होते हैं, वो पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मास्टर होते है। आपको खुद के प्रति ईमानदार होना होगा, यानि आपने जो बोला वो करना चाहिए । एकमात्र यही कारण है, की लोग आपके ऊपर विश्वास नहीं करते हैं । कहा जाता है, की जो व्यक्ति खुद का नहीं हो सकता वो दुसरों का कैसे हो सकता है। और यह बात सत्य भी है । अगर आप खुद के तथा दुसरो के प्रति ईमानदार होते हैं, तो लोग आपके ऊपर भरोसा करते हैं, तथा आपको ही अपना गुरु मानाने लगते हैं । 

केवल पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए नहीं बल्कि ईमानदारी आपको हर जगह विजेता बनाती है। अगर आप कोई बिज़नेस करते हैं, तो आप एक ब्रांड बन सकते है क्योंकि, लोगों का आपके ऊपर भरोसा है । कभी भी खुद के और दुसरों के प्रति ईमानदार रहें । 

8.   अपने लक्ष्य का निर्माण जरूर करें :- 

अगर आप कही घूमने जाते हैं, तो आपको पता होता है की आपको कहा जाना है । इसी तरह अगर आप बिना किसी लक्ष्य के अपने जीवन के पथ पर निकल जायेंगे। तो आप कितना भी घूम लीजिये आप अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाएंगे । अगर आप अपना लक्ष्य बनाते हैं, और उसे पूरा करते हैं । और यही प्रक्रिया बार बार करते है तो आपकी पर्सनालिटी को डेवलप होने से कोई नहीं रोक सकता है । 

लक्ष्य बनाना और इसे पूरा करना आपकी पर्सनालिटी डेवलपमेंट में बहुत सहायता करती है। अपने कई बार देखा होगा की अगर किसी व्यक्ति को फ़ोन लेना होता है तो वो पहले ही निर्धारित कर लेता है की मुझे एक महीने के अंदर फ़ोन लेना है। और आप देखेंगे की महीने के अंत तक वो फ़ोन उसके हाथ में होता है। ऐसा क्यों हुआ की उसने जो बोला वो कर दिया। क्योकि वो पहले से ही लक्ष्य बना चूका था की मुझे फ़ोन लेना है। इसी तरह आप अपने लक्ष्य बनाकर कोई काम करते हैं, तो आपका आंतरिक मन आपको वह कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता रहता है। इसलिए आप उस को आसानी से प्राप्त कर लेते हैं । 

9.   अपनी की गई गलतियों से सीखें :- 

पर्सनालिटी डेवलपमेंट की सबसे महत्वपूर्ण तथा सबसे आवश्यक बात जो आपको पर्सनालिटी डेवेलोमेंट का मास्टर बना सकती है। अगर आप अपनी गलतियों से खुद में बदलाव लाते हैं, और उन गलतियों से रोज कुछ नया सीखते हैं । तो आप सही रास्ते पर चल रहे है । जैसा की आप जानते हैं, पर्सनालिटी डेवलपमेंट एक दिन, दो दिन या पांच दिन में नहीं सीखा जा सकता है । किसी को भी पर्सनालिटी डेवलप करने में समय लगता है। इसी प्रकार जब आप अपनी गलतियों से धीरे धीरे सीखते हैं, तो आपको पता भी नहीं चलता और आप एक नए इंसान के रूप में खुद को देखते हैं । 

कई लोग प्रयास करते हैं और फेल हो जाते हैं । और उन लोगों को लगता है की मैं तो सफल ही नहीं हो सकता । इस पॉइंट से दो लोग उभरकर आते हैं । पहला व्यक्ति फेल होने के बाद पूरी तरह से टूट जाता है, और दूसरा व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखकर एक बार और प्रयास करता है, और सफल भी हो जाता है । अगर आप भी दूसरे व्यक्ति की केटेगरी में आना चाहते है, तो खुद को हमेशा पॉजिटिव रखें और अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ जाएं ।

10.   निंदा करने वाले लोगों को अपने नजदीक रखें :- 

अगर आप अपनी पर्सनालिटी में डबल ग्रोथ करना चाहते है तो ऐसे लोगों को अपने पास रखिये जो आपकी निंदा करते हों । यानि ऐसे लोगो के बीच में जाते रहे जो लोग आपकी कमियों को ढूंढ-ढूंढ कर आपको बताते रहें । ऐसे में आपको डिमोटिवेट होने की जरुरत नहीं है, बल्कि आप इन कमियों को धीरे-धीरे करके ख़त्म कर सकते हैं । अगर आप ऐसे लोगों के बीच में बार बार जाते रहें और उनके द्वारा बताई गई कमियों को दूर करते रहें तो आप जल्द ही पर्सनालिटी डेवलपमेंट के अंतिम शिखर तक पहुंच जायेंगे। 

पर्सनालिटी डेवलपमेंट का विकास करने के लिए आपको केवल दूसरे लोगों से प्रभावित होने की जरुरत नहीं है । आप खुद से भी अपनी पर्सनालिटी को डेवलप कर सकते हैं । क्योंकि आप से ज्यादा आपको कोई नहीं जानता है । आप खुद ही अपने मित्र तथा खुद ही अपने शत्रु हैं । आपको खुद अपनी गलतियों के बारे में जानना होगा, समझना होगा और उसमे सुधार करना होगा। जब आप खुद से खुद में बदलाव करने लगते हैं, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है । 

हमेशा याद रखें कि, अगर आप को पर्सनालिटी डेवलपमेंट करना है, तो आपको खुद ही प्रयास करना होगा दूसरा कोई आपकी सहायता करने नहीं आएगा । 

11.   प्रतिदिन सुबह व्यायाम और योग करें :- 

आप लोग सोच रहे होंगे की योग और व्यायाम का पर्सनालिटी डेवलपमेंट से क्या नाता है । परन्तु आप को यह ही नहीं पता है, की योग और व्यायाम हमारी पर्सनल डेवलपमेंट के लिए बहुत ही जरुरी है। जैसा की अपने सुना होगा या जानते होंगे। योग हमें तनाव मुक्त करता है तथा हमें आत्म विश्वास से भर देता है। योग करने से हमारा शारीरिक स्वास्थ्य मजबूत होता है। योग हमें लम्बा जीवन जीने में भी मदद करता है । साथ ही योग हमारे मानसिक स्थिति में भी बदलाव लाता है । 

अब बात यहाँ आ जाती है की योग और व्यायाम किस प्रकार हमें पर्सनालिटी डेवलपमेंट में मदद करता है । जैसे की आपने ऊपर देखा योग के कितने फायदे है। आपकी पर्सनालिटी को बेहतर बनाने के लिए आपकी बॉडी की लैंग्वेज करीब करीब 55% तक सहायक होती है। अगर आप तनाव मुक्त रहते हैं, तथा शारीरिक रूप से स्वास्थ्य होते है और हमेशा खुश रहते है तो यह पर्सनालिटी डेवलपमेंट का ही भाग है। इससे आप समझ गए होंगे की पर्सनालिटी डेवलपमेंट में योग और व्यायाम का कितना महत्व है। 

योग और व्यायाम आपको न केवल पर्सनालिटी डेवलपमेंट में मदद करते है। बल्कि आपके जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के शिखर तक पहुंचने में मदद करते है। 

12.   सेल्फ-डेवलपमेंट की किताबें पढ़ें :- 

व्यक्तित्व विकास के लिए आत्म विकास वाली पुस्तकें पढ़ना बहुत ही आवश्यक है। किताबें उन सभी लोगो के जीवन का निचोड़ होती हैं, जो अपने जीवन में बहुत कामयाब हुए हैं । अगर आप आत्म विकास की किताबे पढ़ते हैं । तो आपको उन सभी लोगों से सिखने को मिलता है, जो इस फिल्ड में सफल हो चुके हैं । किताबें आपको सोचने की क्षमता में और कार्य करने के तरीकों में राह दिखाने का काम करती हैं । कहा जाता है की किताबें ही मनुष्य की सच्ची मित्र होती हैं । आपको हर दिन व्यक्तित्व के विकास के लिए आत्म विकास की किताबें पढ़नी चाहिए । 

एक अध्ययन के दौरान पाया गया है की जितने भी सफल लोग है उन सब में एक कॉमन आदत पाई गई है। की वो सभी लोग किताबें पढ़ते हैं । किताबों के द्वारा आप वो सभी ज्ञान प्राप्त कर सकते है जो आपको स्कुल, कॉलेज और समाज में नहीं सिखाया जाता है। अगर आप आत्म विकास से सम्बंधित किताबें पढ़ते हैं, तो आपको वो सभी ज्ञान प्राप्त होगा जिसकी आपको जरुरत है। 

ज्यादातर लोगो को यह परेशानी होती है, कि किताबें पढ़ना शुरू करते ही उन्हें नींद आने लगाती है । तो दोस्तों मैं आपको बता दू अगर आप सच में अपने व्यक्तित्व को निखारना चाहते है तो आपको किताबे पढ़नी ही पड़ेगी। किताबे हमें न केवल व्यक्तित्व विकास में सहायता करती है बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में भी सफल बनाती है। 

और अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि,  यदि आप इन सभी बातों को अपने जीवन में लगातार प्रैक्टिस करते हैं, तो आपके वयक्तित्व का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता है। और जब आपका व्यक्तित्व विकास हो जाएगा तो आपकी सफलता निश्चित आपके कदमों को चूमेगी । 

मैं आशा करता हूँ कि, आपको मेरा ये पोस्ट (ये 12 मूल मंत्र, जो आपकी पर्सनालिटी को बेहतर कर देगा) पढ़कर काफी कुछ समझ में आया होगा, कि आप अपने पर्सनालिटी को बेहतर कैसे कर सकते हैं । ऐसे ही और जानकारी के लिए आप इस पेज को फॉलो भी कर सकते है।। धन्यवाद

Tuesday, 31 January 2023

आसान भाषा में "Indian Direct Selling Guideline" को समझें !!


 

NEW DIRECT SELLING GUIDELINES IN INDIA

Direct Selling Guidelines are issued by Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution and Department of Consumer Affairs on 9, Sep 2016. These are issued as guiding principles for State Governments to consider regulating the business of "Direct Selling" and Multi-Level Marketing (MLM) in India.

Note: The document providing by me is simplified version of guidelines released by Indian Government in Hindi. The purpose is just educate our visitor about MLM & Direct Selling Guidelines. There may be certain difference in this simplified version. But, our only aim is to provide accurate information.

धारा 1: परिभाषा 

Guideline के पहले Clause यानी धारा में डायरेक्ट सेलिंग और पिरामिड स्कीम जैसे बहुत से शब्दों की परिभाषा दी गई है। Guideline के उलंधन पर Consumer Protection Act 1986 के तहत कार्यवाही होगी । Guideline को समझने से पहले इन शब्दों की परिभाषा समझना जरुरी है । 

Direct Seller: डायरेक्ट सेलर वह होता है,जो डायरेक्ट सेलिंग कंपनी से आधिकारिक रूप से जुड़ता है,और कंपनी के प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री करता है। डायरेक्ट सेलर को आप कंपनी का प्रतियोगी कह सकते है। 

Network of Direct Seller : डायरेक्ट सेलर नेटवर्क में बहुत से लोग किसी कंपनी से बतौर डायरेक्ट सेलर अलग-अलग लेवल पर जुड़े होते है। जैसे कोई व्यक्ति किसी को अपनी कंपनी में बतौर डायरेक्ट सेलर लाता है, तो वो दोनों एक नेटवर्क का हिस्सा है। बस नेटवर्क में कोई उपर तो कोई नीचे होता है। Direct Selling: मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्ट/ सर्विस को बेचना डायरेक्ट सेलिंग के अधीन आता है ।

Direct Selling Entity : डायरेक्ट सेलिंग कंपनी को ही Direct Selling Entity कहते है। जो की पिरामिड स्कीम में ना आती हो और पूरी तरह से प्रोडक्ट/ सर्विस आधारित हो।

Product/Service : प्रोडक्ट/सर्विस बेचने लायक होनी चाहिए,जो Expire ना हो । वही समय और जगह के अनुसार बेची जा सके | Product/Service पर ही डायरेक्ट सेलिंग कंपनिया चलती है। Product/Service की किमत क्वालिटी अनुसार होनी चाहिए।

Cooling-Off Period : यह समय अवधि है, जब डायरेक्ट सेलर किसी कंपनी से धारा 4 के तहत समझौता करता है और उस दिन तक जब डायरेक्ट सेलर के बीच समझौता खत्म होता है, इस बिच डायरेक्ट सेलर कोई भी अपराधिक मामला किये बिना समझौता खत्म करता है.

Pyramid Scheme : पिरामिड स्कीम वे होती है,जो MLM के नाम पर चलती है,पर वास्तव में MLM या डायरेक्ट सेलिंग कंपनी नही होती है। पिरामिड स्कीम गैर कानूनी होती है। पिरामिड स्कीम में और लोगो को जोड़ने पर निश्चित राशि देने का नियम होता है। पिरामिड स्कीम डायरेक्ट सेलिंग कंपनी की तरह प्रोडक्ट/सर्विस आधारित नही होती है,उनका प्रोडक्ट/सर्विस सिर्फ दिखाने के लिए होता है।

Consumer : उपभोक्ता वो होता है,जो कंपनी के प्रोडक्ट/सर्विस को इस्तमाल करता है। उपभोक्ता को कंपनी से डायरेक्ट सेलर जोड़ता है और कोई भी उपभोक्ता डायरेक्ट सेलर बन सकता है।  

डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के गुण 

Direct Selling Guidelines के अनुसार अगर कंपनी में ये गुण नही है, तो यह MLM/डायरेक्ट सेलिंग के अधीन ना आकर पिरामिड स्कीम कही जाएगी। 

(a)     कंपनी में पहले से निश्चित नही होना चाहिए, कि इतने लोगो को जॉइन करवाने पर इतना पैसा दिया जाएगा। अगर कंपनी पहले ही ये बताती है, तो वो पिरामिड स्कीम है। क्योंकि रेफेरल इनकम नीचे जुड़ने वाले लोगो की बिक्री पर निर्भर करती है, उसके अनुसार कुछ प्रतिशत मुनाफा तय होता है। इसलिए पहले से कोई अनुमान नही लगा सकते है,की नया डायरेक्ट सेलर कितनी बिक्री करेगा।

(b)     कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर से निश्चित रूप से प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री की उम्मीद नही कर सकती है। यह डायरेक्ट सेलर पर निर्भर करता है, की वह कितनी बिक्री कर सकता है। इसलिए कंपनी मात्रा और राशि अनुसार निश्चित बिक्री हर डायरेक्ट सेलर के लिए तय नहीं कर सकती ।

(c)      कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर से किसी भी तरह की फ़ीस किसी भी नाम से नही ले सकती है। डायरेक्ट सेलर को कंपनी से सिर्फ प्रोडक्ट/सर्विस लेने के पैसे देने होते है। कंपनी एंट्री फीस लेती है, तो वह भी गैर कानूनी है।

(d)      कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को समय-अवधि देती है, जिसमे वह कभी भी कंपनी को छोड़ सकता है। और किसी भी तरह का रिफंड उसका बकाया नही रहेगा।

(e)      डायरेक्ट सेलर के कहने पर कंपनी को प्रोडक्ट/सर्विस को वापस लेना पड़ेगा, अगर प्रोडक्ट/सर्विस बेचने योग्य रहती है।

(f)      वही कंपनी को डायरेक्ट सेलर और उपभोक्ताओं से आने वाली शिकायतों और समस्याओं का सुझाव जल्द से जल्द करना होगा । 

Remuneration System : कंपनी को पहले ही अपने डायरेक्ट सेलर के साथ इनकम प्लान और किस प्रकार कमीशन मिलेगा, ये बताना होगा । कंपनी को पहले ही किस तरह और कितना पेआउट है । इस पर पूरी जानकारी देनी होगी । 


(a)      कंपनी पहले से निश्चित नही कर सकती, कि इतने लोगों को जोड़ने पर इतना पैसा मिलेगा। ऐसा करने वाली कंपनी पिरामिड स्कीम है।


(b)      डायरेक्ट सेलर की प्राथमिक कमाई उनके और उनके नेटवर्क के द्वारा किये जाने वाली प्रोडक्ट और सर्विस की बिक्री पर ही होनी चाहिए ।


(c)      कंपनी को डायरेक्ट सेलर को "कितना कमीशन किस प्रोडक्ट की कितनी बिक्री पर मिलेगा" पूरा प्लान पहले ही बताना होगा। 

धारा 2: डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस की स्थापना के लिए शर्ते

किसी भी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के शुरू होने के 90 दिनों में इन शर्तों और प्रक्रिया को पूरा करना होगा :-

         (a)      कंपनी को सबसे पहले भारत सरकार के अंतर्गत रजिस्टर होना होगा।

(b)      कंपनी को अपने लीडर और डायरेक्ट सेलर के लिए एक मीटिंग करनी होगी । जिसमें उसे कंपनी की सारी जानकारी बिज़नेस प्लान के साथ सटीक ढंग से समझानी होगी। जिससे वे डायरेक्ट सेलर नए डायरेक्ट सेलर को समझा सके।

(c)      कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर के सारे अधिकार और कर्तव्य बताने होंगे। 

(d)      कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर की सारी बकाया राशि को चुकाना होगा । 

(e)     कंपनी को डायरेक्ट सेलर को प्रोडक्ट/सर्विस ना बिकने पर रिफंड प्रक्रिया की जानकारी देनी होगी, जिसमे कंपनी वापस प्रोडक्ट लेगी और पैसा देगी । जो की डिस्ट्रीब्यूशन के 30 दिन तक ही मुमकिन है । 

(f)     कंपनी को डायरेक्ट सेलर को एक Cooling-off समय बताना होगा, जब डायरेक्ट सेलर प्रोडक्ट सर्विस वापस देना चाहता हो और वो प्रोडक्ट Cooling-off अवधि में ख़रीदा गया हो।

(g)      कंपनी के प्रबंधक और अध्यक्ष पदों पर मौजूद लोगो में किसी पर भी दंडनीय अपराध का मामला पिछले 5 साल तक किसी भी कोर्ट में ना रहा हो।

(h)      कंपनी का अपना राज्य में क्षेत्राधिकार कायार्लय होना जरूरी है। जहाँ से सभी प्रोडक्ट/सर्विस का लेन देन समस्यों का निवारण हो। 

धारा 3: डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस चलाने के लिए शर्ते

1.       कंपनी द्वारा उप्लब्ध करवाये जाने वाले प्रोडक्ट/सर्विस के पहचान की जिम्मेदारी मालिक, ट्रेडमार्क चिन्ह, सेवा चिन्ह और अन्य पहचान चिन्ह के लाइसेंसधारक की होगी।

2.       कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर के लिए पहचान पत्र जारी करना होगा।

3.     कंपनी को स्वयं या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपने बिजनेस के प्रोडक्ट/सर्विस, संपर्क सूत्र, किमत, इनकम प्लान, डायरेक्ट सेलर की पूरी जानकारी रखनी होगी।

 (a)      कंपनी को समय-समय पर अपने डायरेक्ट सेलर की जानकारी अपडेट करनी होगी और संभालनी होगी।

(b)      डायरेक्ट सेलर की जानकारी में सत्यापित पता प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पैन की जानकारी शामिल होनी चाहिए।

4.    कंपनी की खुद की वेबसाइट होनी चाहिए। जिसमें कंपनी के संपर्क सूत्र, प्रबंधक, प्रोडक्ट और प्रोडक्ट की जानकारी, प्रोडक्ट क्वालिटी सर्टिफिकेट, कीमत, इनकम प्लान, कंपनी की नीति होनी चाहिए। इस वेबसाइट के सहारे ही 45 दिन में डायरेक्ट सेलर और उपभोक्ता की समस्या का समाधान होना चाहिए।

5.       कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर को कमिशन, बिक्री, बोनस, खरीदी समेत व्यापार की जानकारी समय-समय पर देनी होगी।

6.       कंपनी को डायरेक्ट सेलर पर मासिक निगरानी रखनी होगी। जिसमें कितने ख़रीददारी हुई इसपर नज़र रखी जायेगी। अगर खरीददारी की राशि वैट (Value Added Tax) सिमा से ज्यादा होगी, तो डायरेक्ट सेलर को वैट भुगतान के लिए सूचित किया जाएगा।

 7.       डायरेक्ट सेलिंग कंपनी :-

 (a)      गलत, अधूरी जानकारी और लालच देकर कंपनी में डायरेक्ट सेलर नही ला सकती है।

 

(b) कंपनी डायरेक्ट सेलर से ऐसे वादे नही कर सकती, जिनके पूरे होने की शत-प्रतिशत उम्मीद ना हो। यानी की कंपनी झूठे सपने दिखाकर लोगो को आकर्षित नही कर सकती है।

 

(c)   कंपनी डायरेक्ट सेलिंग की अच्छाई को गलत तरीके से और बड़ा-चढ़ाकर नही कह सकती है।


(d)    कंपनी इनकम प्लान और प्रोडक्ट/सर्विस का भृमित बखान नही कर सकती है।

(e)    कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को भी गलत तरीके से और भृमित कर के कंपनी को दर्शाने का अधिकार नही दे सकती है।

 

(f)  धोखाधड़ी, ज़बरदस्ती, अतर्कसंगत या गैरकानूनी तरीके से कंपनी और डायरेक्ट सेलर प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री और नए डायरेक्ट सेलर नही ला सकती है।

 

(g)    डायरेक्ट सेलर से कोई लाभ उपलब्ध करवाने, एंट्री फीस, नवीकरण फीस या फिर डायरेक्ट सेल के लिए उपकरण लाने के नाम पर कंपनी पैसा नही ले सकती है।कंपनी सिर्फ प्रोडक्ट/सर्विस की खरीद पर ही अपने डायरेक्ट सेलर से पैसा ले सकती है। 


(h)    डायरेक्ट सेलर को कंपनी,कंपनी में किसी को जोड़ने पर पैसा नही दे सकती है। कंपनी पैसा नए डायरेक्ट सेलर द्वारा की गई प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री पर ही कुछ प्रतिशत दे सकती है । 


(i)     कंपनी मासिक रूप से अंशदान या नवीकरण फीस नही ले सकती है।

8.       कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूटर और डायरेक्ट सेलर द्वारा बिक्री के लिए इस्तमाल किये जाने वाली प्रणाली की जिम्मेदार होगी। चाहे उस व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में जोड़ा गया हो।

 

धारा 4: डायरेक्ट सेलर और कंपनी के बीच डायरेक्ट सेलिंग पर समझौता


1.       हर कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में एक समझौता करना होगा।


(a)     इस समझौते को Indian Contract Act, 1872 के सेक्शन 10 के तहत प्रस्तुत किया जाएगा।


(b)      डायरेक्ट सेलर और कंपनी के अधिकार और दायित्व इन दिशानिर्देश के अलावा Indian Contract Act 1872 के भी अधिकार और दायित्व भी शामिल होंगे।

2.       यह समझौता लिखित में होगा, जिसमे भागीदारी की मुख्य परिभाषा को बताया हो,


(a)      कंपनी डायरेक्ट सेलर को निश्चित इकाई में प्रोडक्ट/सर्विस को निश्चित समय सीमा में खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है।

 

(b)      कंपनी डायरेक्ट सेलर को समय सीमा देगी,जिसमे वह ख़रीदा हुआ प्रोडक्ट/सर्विस को वापस देकर अपना पैसा रिफंड ले सकता है।

 

(c)      कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को नोटिस के साथ समझौता सम्पात करेगी, जब डायरेक्ट सेलर जुड़ने के बाद 2 साल तक कोई भी प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री नही करता है।

 

(d)      कंपनी के पास पूरी नीति होनी चाहिए,जिसमें डायरेक्ट सेलर द्वारा खरीदे प्रोडक्ट की बिक्री ना होने पर, डायरेक्ट सेलर उस प्रोडक्ट को कंपनी को वापस दे सके।अगर प्रोडक्ट बेचने योग्य रहता है तो। 

 

धारा 5: डायरेक्ट सेलर के कर्तव्य

 

1.      डायरेक्ट सेलर बिक्री के समय अपना पहचान पत्र साथ लेकर जाए। वही डायरेक्ट सेलर को बिना नियुक्ति/ अनुमति के उपभोक्ता के परिसर में नही जाना चाहिए।

2.      डायरेक्ट सेलर को बिक्री से पहले अपने उपभोक्ता के अनुरोध किये बिना ही खुद की पहचान, कंपनी की पहचान, प्रोडक्ट/सर्विस की जानकारी सत्यता और स्पृष्ट रूप में देनी होगी। 

3.       डायरेक्ट सेलर को उपभोक्ता को प्रोडक्ट/सर्विस, मूल्य, भुगतान/वापसी/गारंटी की शर्ते, बिक्री के बाद की सेवाओं को स्पृष्ट रूप से बताना होगा।

4.       बिक्री के समय उपभोक्ता को निम्न जानकारी दे :- 


(a)      डायरेक्ट सेलर को अपना नाम, पता, रजिस्ट्रेशन नंबर, टेलीफोन नंबर और कंपनी की जानकारी।

(b)      उपभोक्ता को दिए जाने वाले प्रोडक्ट/सर्विस का विवरण।

(c)      लेन-देन से पहले कंपनी के प्रोडक्ट/सर्विस की वापसी नीति की पूरी जानकारी ।

(d)      आर्डर की तारीख, उपभोक्ता द्वारा दी गयी कुल राशि, बिल और रसीद सहित ।

(e)      समय और जगह जहाँ प्रोडक्ट/सर्विस का विवरण किया हो और डिलीवर किया हो।

(f)     प्रोडक्ट/सर्विस को रद्द करने का अधिकार और अगर प्रोडक्ट बेचने योग्य हो, तो रिफंड              प्रकिया की जानकारी।

(g)      समस्या का निवारण करने की प्रक्रिया की जानकारी।

5.       डायरेक्ट सेलर के पास खुद का लिखित रिकॉर्ड होना चाहिए।जिसमे प्रोडक्ट,कीमत, टैक्स और मात्रा में प्रोडक्ट डायरेक्ट सेलर द्वारा बेचा गया होगा। जो नियम के अधीन हो।

6.       डायरेक्ट सेलर यह नही कर सकता :-

 (a)            गलत,अधूरी और भृमित कर व्यापार करना।

 

(b)            भृमित और गलत जानकारी से आकर्षित कर लोगो को अपने नेटवर्क में लाना।

 

(c)   उपभोक्ताओं से ऐसे वादे करना जो शत-प्रतिशत पूरे ना हो। उन्हें झूठे सपने दिखाकर बहकना।

 

(d)           अपने उपभोक्ता को डायरेक्ट सेलिंग की झूठे और कपटपूर्ण तरीके से अच्छाई बताना।

 

(e)      डायरेक्ट सेलिंग के समय जानबूझकर डायरेक्ट सेलर और कंपनी द्वारा गलत और भृमित प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री करना।

 

(e)       अपने नीचे जुड़ने वाले डायरेक्ट सेलर को ज़बरदस्ती ज़्यादा मात्रा में प्रोडक्ट ख़रीदने को मजबूर करना।


(g)     डायरेक्ट सेलर द्वारा सूची-पत्र (Prospectus) देना,जो की कंपनी द्वारा जारी किया गया ना हो।

 

(h)     उपभोक्ताओं को डायरेक्ट सेलिंग से जुड़ी प्रशिक्षण सामग्री या बिक्री हेतु उपकरण को खरीदने के लिए बाधित करना। 

 धारा 6: डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर के बीच संबंध

1.1  डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर के बीच के सम्बंध को लिखित समझौते से निर्धारित किया जाएगा। इंसमे डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर के बीच बिज़नेस चलाने के लिए दिशानिर्देश द्वारा बताए गए, जिसमें अधिकार और कर्तव्य शामिल है।

1.2     अन्य सभी अधिकार और कर्तव्य लिखित समझौते के अनुसार निर्धारित किये जाएगे।

1.3     डायरेक्ट सेलर द्वारा बेचे जाने वाले प्रोडक्ट/सर्विस पर आने वाली शिकायत की उत्तरदायित्व कंपनी होगी।

 

1.4     यह डायरेक्ट सेलिंग कंपनी की जिम्मेदारी है,की किस तरह उसके डायरेक्ट सेलर काम कर रहे है। 

 धारा 7: उपभोक्ता के सरक्षण हेतु आवरण

 

1.      डायरेक्ट सेलर और डायरेक्ट सेलिंग कंपनी को ही उपभोक्ता द्वारा दी गई निजी जानकारी के संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी।

2.        Consumer Protection Act 1986 के अधीन ही डायरेक्ट सेलर और कंपनी को मार्गदर्शित किया जाएगा।

3.     कंपनी के पास फोन, ईमेल, वेबसाइट, पोस्ट और व्यक्तिगत रूप से आने वाली शिकायतों की शिकायत संख्या होनी चाहिए, जिससे समाधान होने की जानकारी पता चलती रहे।

4.       सभी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए कंपनी के पास संस्था होनी चाहिए, जो इनका निवारण करे। 

 (a)      शिकायत निवारण समिति में कम से कम तीन अधिकारी होने चाहिए। 

 

(b)     यह समिति ही समस्याओं को निवारण करेगी और कोई भी कार्यवाही लेने पर शिकायतकर्ता को सूचना देगी।

 

(c)    आम जनता कंपनी के किसी भी डायरेक्ट सेलर, कंपनी के अधिकारी या कर्मचारी के ख़िलाफ़ शिकायत कर सकती है। 

(d)      ऐसी सभी शिकायतों का समाधान कंपनी खुद करेंगी। 

5.       कंपनी उपभोक्ता को खरीद कर निम्न जानकारी जरूर दे।

 (a)      खरीदने वाले और बेचने वाले का नाम। 

 (b)      प्रोडक्ट/सर्विस की डिलिवरी की तारीख। 

(c)      प्रोडक्ट/सर्विस को वापसी करने की प्रकिया।


(d)      त्रुटि के मामले में प्रोडक्ट को बदलने और वापसी की गारंटी। वही कोई भी डायरेक्ट सेलर ऐसा दावा नहीं करेगा, जो कंपनी निभा नही सकती है।

6.      कोई डायरेक्ट सेलर अगर ऑनलाइन प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री करता है,तो उसे पहले लिखित में कंपनी से लिखित में अनुमति लेनी होगी। 

धारा 8: पिरामिड स्कीम और पोंजी स्कीम पर रोक

 1.       कोई भी व्यक्ति धारा 1 के खंड 11 में बताई परिभाषा जैसी, पिरामिड स्कीम का समर्थन नहीं करेगा और किसी ओर व्यक्ति को पिरामिड स्कीम से जुड़ने को प्रेरित नही करेगा। 

 2.       कोई भी व्यक्ति डायरेक्ट सेलिंग के अवसर पर किसी भी Money Circulation Scheme में हिस्सा नही लेगा। 

 धारा 9: निगरानी प्राधिकरण की नियुक्ति

1.       उपभोक्ता और कंपनी के बीच मामले की निगरानी/जांच उस राज्य उपभोक्ता विभाग करेगी।

2.       राज्य सरकार स्वयं तंत्र बनाएगी,जो कंपनी और डायरेक्ट सेलर द्वारा दिशानिर्देश का पालन की निगरानी रखेगी।

3.       कंपनी जिस प्रदेश में डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस चला रही हो, उपभोक्ता विभाग को वचनपत्र भेजेगी।जिसमे वह दिशानिर्देश पालन करने का वचन देगी और अपने बिज़नेस की जानकारी समय-समय पर देती रहेगी। 


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