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Friday, 24 March 2023

पर्सनालिटी डेवेलपमेंट पार्ट-2 (Personality Development Part-2)


PERSONALITY DEVELOPMENT PART-II

नमस्कार दोस्तों, आशा करता हूँ आप सभी लोग अच्छे होंगे, आज मैं आपलोगों के लिए एक बहुत ही बेहतरीन Personality Development का आर्टिकल ले कर आया हूँ, क्योंकि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का सबसे पहली सीढ़ी Personality Development ही है, इस आर्टिकल में चरणबद्व तरीके से आपको समझने में और अपनी Personality को बेहतर करने में बहुत मदद मिलेगी । इसको आप को समझने के लिए मैंने 10 पॉइंट्स में अलग-अलग किया है, ताकि आपको अच्छे से समझ आ जाये । 

1.   लोगों को Genuinely लाइक करें 

जब हम किसी से मिलते हैं, तो मन में उस आदमी की एक इमेज बना लेते हैं । ये इमेज पॉजिटिव, नेगेटिव या नेचुरल हो सकती है । पर अगर हम अपनी पर्सनालिटी इम्प्रूव करना चाहते हैं, तो हमको ना चाहते हुए भी अपने आप को पॉजिटिव बनाना होगा । हमें अपने माइंड को ट्रैंड करना होगा, कि वो लोगों में अच्छाई खोजे, बुराई नहीं, और ये करना इतना मुश्किल भी नही है । अगर आप अपने माइंड को अच्छाई खोजने के लिए प्रेरित करेंगे या उसको दिशानिर्देश देंगे, तो वो खोज निकालेगा । 

हमें लोगों के साथ पेशेंस से पेश आना चाहिए, उनकी किसी कमी या शॉर्टकमिंग गलतियों से खीझना या चिढ़ना नहीं चाहिए । बल्कि उसकी जगह पर अपने आप को रख कर देखना चाहिए, कि क्या पता अगर हम भी उनके जैसे परिवेश में पले-बढ़े होते तो उन जैसे ही होते, इसलिए अपने और उनमें जो अंतर है उससे irritate होने के बजाय आपको सेलिब्रेट करना चाहिए । 

मेरे प्यारे दोस्तों, हमारे चारों तरफ बहुत ज्यादा नकारात्मकता फैली हुई है । वो हम सभी को बहुत प्रभावित करती है । हम रोज चोरी, धोखाधड़ी, फ्रॉड, मारपिट, पोंजी स्कीम, मनी सर्कुलेशन स्कीम्स, घोटाले इत्यादि वाली नाकारात्मक खबरें सुनते और पढ़ते हैं । और शायद यही वजह है, की आज आदमी का आदमी पर से भरोसा या विश्वास खत्म होता जा रहा है । मैं यहाँ पर ये जरूर कहूँगा, की आप आँख मूंद कर किसी पर भरोसा भी मत करिए । और सभी को उस नजरिये से भी मत देखिए । ज्यादातर लोग अच्छे भी होते हैं । बहुत सारी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां लीगल और बहुत ही जनुइनेली तरीके से अपना बिजनेस प्रमोट कर रही हैं और लोगो को अच्छे पैसे कमाने का एक बेहतर प्लेटफार्म भी दे रहीं हैं । उनको जानने और समझने की कोशिश करें ।। 

यहाँ पर हम लोगों की बात कर रहे हैं, तो मैं ये जरूर कहूँगा कि, बहुत सारे अच्छे लोग होते हैं । आप उन लोगों के साथ अच्छा बनिये, उन्हें लाइक करिए और जब आप ऐसा करेंगे तो बदले में वो भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे । किसी बड़े विचारक का कथन है की - "मैं जिस व्यक्ति से भी मिलता हूँ, वह किसी न किसी रूप में मुझसे बेहतर है । तो जब हर कोई हमसे किसी न किसी रूप में बेहतर है, तो उसे लाइक तो किया ही जा सकता है । 

2.   लोगों से मुस्कुराहट के साथ मिलिए :- 

जब आप अपने बेस्ट फ्रेंड से मिलते हैं, तो क्या होता है? आप दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते हैं (Smile करते हैं), क्यों मैं सही कह रहा हूँ ना ? 

मुस्कुराना ये जाहिर करता है कि आप सामने वाले को पसंद करते हैं । यही बात हर जगह हर रिलेशन में लागू होती है, इसलिए आप जब भी किसी से मिले तो आप जेन्युइन smile अपने चेहरे पर लायें । (कुछ exceptional case में नही), इससे लोग आपको पसंद करेंगे, आपसे मिलकर खुश होंगे । और आपकी मुस्कुराहट के बदले में आपको मुस्कुराहट न मिले ऐसे बहुत ही रियर केस में ही हो सकता है । अगर होता भी है तो उसको दिमाग मे न रखें, लेकिन आपको अपना रोल हर जगह पर जरूर प्ले करना है । 

ये सुनने में काफी आसान सा लग रहा होगा, कि करना ही क्या है, बस एक हल्का सा स्माइल ही तो करना है, बहुत से लोग Naturally ऐसा करते भी हैं । और बहुत से लोग इस छोटी सी बात पर गौर भी नही करते हैं , अगर आप भी गौर नहीं कर रहे हैं, तो आपको इसको प्रैक्टिस में लानी होगी । क्योंकि, एक मुस्कुराता हुआ चेहरा एक flat या stern face से कहीं अधिक आकर्षक होता है । और आपकी पर्सनालिटी को attractive बनाने में बहुत ही मददगार होता है । आपने ये जरूर देखा होगा कि, हमलोग कोई फोटोशूट करवाते है, तो फोटोग्राफर हमें स्माइल करने के लिए बोलता है । तो, मेरे कहने का मतलब ये है कि, जब आपकी एक स्माइल से आपकी फ़ोटो बहुत अच्छी आ सकती है, तो हमेशा स्माइल के साथ मिलने से आपकी पर्सनालिटी में तो जरूर फर्क आ सकता है । 

मुस्कुराने से हम सभी को एक और फायदा होता है, ये तो कई रिसर्च में भी आया है कि, जब हम स्माइल करते हैं और अंदर से खुश रहते हैं, या होते है तो हमारे बाहरी एक्सप्रेशन उसी हिसाब से बदल जाते हैं । हमें देखकर ही लोग ये समझ जाते हैं कि, हैम खुश हैं। और ठीक उसका उल्टा भी सही है, की जब हम अपनी बाहरी एक्सप्रेशन ख़ुशनुमा बना लेते हैं तो, उसका असर हमारे internal मूड पर भी पड़ता है । और वो अच्छा हो जाता है ।  So don't forget to carry a sweet smile wherever you go.....

3.   नाम हमेशा ध्यान में रखें :- 

किसी भी आदमी के लिए इस दुनिया में सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट किसी और नामों के अलावा उसका नाम ही होता है । इसलिए आप जब भी किसी से बात करें तो बीच बीच में उनका नाम लेते रहें । ये जरूर ध्यान में रखें कि अगर व्यक्ति आपसे सीनियर है तो आपको नाम के साथ जरूरी 'जी', 'सर', महोदय या श्रीमान लगाना होगा । बीच-बीच में नाम लेने से सामने वाला आदमी अपनी महत्वता महसुस करता है । और साथ साथ आपकी बातों पर अपना ध्यान केंद्रित करता है । और निश्चित रूप से वो इस बात से खुश होता है कि, आप उसके नाम को काफी महत्व दे रहे हैं । 

दोस्तों, नाम याद रखने में बहुत लोग कच्चे होते हैं । यहाँ तक कि कई बार तो ये होता है कि, नाम जानने के 2 मिनट के बाद ही वो धयान से उतर जाता है । Generally  ऐसा इसलिए होता है कि हम इस नाम को याद करने पर तवज्जों नही देते हैं । लेकिन आपको न चाहते हुए भी उस आदमी का नाम याद रखना है या बिजनेस प्लान देते समय ही उसका नाम पूछ कर लिख लेना है और याद रखने की कोशिश करना है । आप अगर इसकी महत्ता को समझ लेंगे तो यह कला आपके व्यक्तित्व को बहुत तेज धार देने का काम करेगी । 

4.  'I' से पहले 'You' को रखें । 

दोस्तों, ध्यान दीजिए, आप किसे अधिक पसंद करेंगे? जो आपके मतलब की बात करेगा उसे या जो आपके मतलब की बात ना करे उसे ? 

निश्चित तौर पर आप उसे पसंद करेंगे जो आपके मतलब की बात करता होगा । यहाँ पर मैं यह बताना चाहता हूँ कि आज हर इंसान सबसे पहले खुद को रखने में लगा हुआ है । जैसे 'मैं ऐसा हूँ, 'मुझे ये पसंद है, 'मैं ये करता हूँ, इत्यादि । क्यों यह सही है ना । लेकिन आप इससे अलग करिए, आप यहाँ 'मैं" के जगह पर "You" का इस्तेमाल करिए । जैसे "आप कैसे हैं", "आप क्या करते हैं", "आपको क्या अच्छा लगता है" इत्यादि । 

मैं शर्त लगा सकता हूँ, कि ऐसा करने से आपको लोग ज्यादा पसंद करेंगे । आज आप किसी के सामने Actors, Cricketer, या Writer के बारे में बात करेंगे तो, उसको बहुत पसंद आएगा । लेकिन यहाँ पर मैं बताना चाहता हूँ कि, केवल Actors, Cricketers या Writers ही नहीं हर एक आम आदमी भी Audience चाहता है । जब आप एक आम आदमी का Audience बनते हैं तो आप उसके लिए खास हो जाते हैं । और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के खास हो जाते हैं । और यही करते करते आप एक Person से बढ़कर एक Personality बन जाते हैं । एक ऐसी Personality जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका आकर्षण सभी पे प्रभाव डालता है । 

5. बोलने से पहले सुनिए । 

दोस्तों, आप इसको Point No 4 का Extension (अगला भाग) भी कह सकते हैं । जब आप दूसरों में रुचि लेते हैं तो इसमें ईमानदारी होनी चाहिए । आपने "आप क्या पसंद करते है?" इसलिए नही पूछा कि बस वो जल्दी से अपना जबाब खत्म करे और आप अपनी कथा सुनाने लग जाएं । 

आपको सिर्फ सामने वाले को बोलने का मौका ही नही देना है, बल्कि उसकी बातों को ध्यान से सुनना भी है । और बीच-बीच में उसकी बातों से संबंधित बातें भी करनी है । जैसे कि, अगर कोई बोलता है कि उसे घूमने का शौक है, तो आप पूछ सकते हैं कि, आपका पसंदीदा घूमने की जगह कौन सी है । और वहाँ पर कौन-कौन सी जगह अच्छी है । अच्छे श्रोता की Demand कम नही होती है, आप एक अच्छा श्रोता बनिये और देखिए आपकी भी डिमांड कितनी बढ़ जाएगी । 

6.  क्या कहते हैं से भी जरूरी है कैसे कहते हैं 

दोस्तों, आप जो बोलते हैं उससे भी ज्यादा महत्व रखता है कि आप कैसे बोलते हैं । जैसे कि, आपकी कोई गलती हुई, और आप मुँह बना कर Sorry बोलते हैं, तो उस Sorry बोलने का कोई मतलब नहीं बनता है । हमें न सिर्फ सही वर्ड यूज करना है । बल्कि उस वर्ड्स को किस तरह से कहा जा रहा है, इन बातों का भी ध्यान देना है । इसलिये आप अपनी टोन और बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान रखें । जितना हो सके पोलाइट और वेल-मैनर्ड तरीके से लोगों से बात करिए । 

यहाँ पर मैं ये भी कहना चाहूँगा कि, इंग्लिश बोलने की काबिलियत को बहुत से लोग पर्सनालिटी से जोड़ कर देखने लगते हैं । यह बिल्कुल गलत है, इंग्लिश बोलने की काबिलियत को आपकी पर्सनालिटी से कभी नही जोड़ा जा सकता है । आप बिना A, B, C, D जाने भी एक बहुत ही प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले आदमी बन सकते हैं ।

7. बिना अपना फायदा सोचे, लोगों को हेल्प करिए 

दोस्तों, कई बार हम ऐसी इस्थिति में होते हैं कि, दूसरों की हेल्प कर सकें । लेकिन अपनी सुस्तिपन या ये सोचकर कि इससे हमको कोई फायदा नही है । हम हेल्प नहीं करते है, लेकिन एकमजेदार व्यक्तित्व वाला व्यक्ति लोगों की हेल्प के लिये हमेशा तैयार रहता है । हाँ , इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप अपना सारा काम धंधा छोड़कर बस लोगों की हेल्प करने लग जाएं । लेकिन अगर अपना थोड़ा सा वक्त देकर आप किसी के काम आ सकते हैं तो जरुर आएं । आपकी एक selfless हेल्प आपको दूसरों की नज़र में नहीं बल्कि आपकी खुद की नजरों में ही आपको ऊपर उठा देगी और आप अपने आप मे बहुत अच्छा महसूस करेंगे । 

8. अपनी बाहरी भेषभूषा (External Appearance) को अच्छा बनाइये । 

दोस्तों, हम आप सभी जानते हैं कि, हम कही पर जाते हैं तो हमारा पहला impression हमारे appearance की वजह से ही बनता है । इसलिए हमें इस point पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है । 

Appearance से मेरा ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप ब्यूटी पार्लर के चक्कर लगाने लग जाएं या जिम जाकर बॉडी बनाने लग जाएं ।  मेरे कहने का मतलब केवल ये है कि, आप occasion के हिसाब से ड्रेस अप करें । अगर मॉर्निंग में वाकिंग करने निकले हैं तो टी-शर्ट और लोवर का प्रयोग करें, आप आफिस या वर्क पर जा रहें है तो फॉर्मल शर्ट और पैंट के साथ जूते भी फॉर्मल पहने, कही पार्टी या शादी में जा रहें है तो पर्टी वियर कपड़े पहने,

इसके साथ साथ अपने personal हाइजीन का खास ध्यान रखें । छोटी छोटी बातें जैसे हेयर कट, नेल कट, या पॉलिश जूते हों , ये आपकी पर्सनालिटी पर बहुत प्रभाव डालते हैं । 

9. क्या Appreciate कर सकते हैं, खोजिए 

चाहे मैं हूँ,  आप हैं या कोई और सभी लोगों को अपनी तारीफ सुनना बहुत पसंद होता होता है । लोगों को अपना फ्रेंड बनाने और उनका दिल जीतने का ये बहुत ही शानदार फॉर्मूला है । प्रसंशा कीजिये...और सच्ची प्रसंशा कीजिये । 

India में ना जाने क्यों किसी की प्रसंशा करना लोगों के लिए इतना कठिन हो जाता है । शादियों में आपने देखा होगा कि जो ऑर्केस्ट्रा होता है,....बेचारा गायक एक शानदार गीत गाता है.. और तालियां बजाने के बजाय लोग एक दूसरे का मुंह देखने लगते हैं । अच्छा हुआ कि मैं ऑर्केस्ट्रा में नही गाता हूँ, नही तो मैं ऐसे दर्शकों की वजह से जरूर डिप्रेशन में चला जाता । 

खैर, मैं यहाँ पर पर्सनल लेवल पे बड़ाई करने की बात कर रहा हूँ । अगर आप खोजेंगे तो आपको हर इंसान में कुछ न कुछ प्रशंसा करने लायक दिख ही जायेगा । वह कुछ भी हो सकता है जैसे ; उसका गार्डेन, बढ़िया से सजाया कमरा, उसकी स्माइल, या उसका नाम कुछ भी...खोजिए तो सही ! आपको दिख ही जाएगा..और जब दिख जाए तो दब्बू बनकर मत बैठे रहिये । किसी की तारीफ करके आप उसको वो देंगे जो वो दिल से चाहता है । आप उसकी खुशी को बढ़ा देंगे...उसका दिन बना देंगे । और सभी बड़ी चीज जो आप उसको देंगे वो उस काम को आगे भी इसी तरह से carry करने का संदेश, आपकी ये प्रशंसा उसको अपने उसी काम को और बेहतर करने में fuel का काम करेगी । अगर आप सामने बोलने से हिचकिचाते हैं तो उसको बाद में whatsapp कर दीजिए, massage कर दीजिए या मेल कर दीजिए । अगर कुछ prizeworthy है तो उसको praise करने से मत चूकिए । इससे आपका पर्सनालिटी में चार चाँद लगेंगे । 

और हाँ, अगर आपको बहुत कोशिश करने के बाद भी कुछ नही मिल पा रहा है तो ... Don't try to fake it !!!....बच्चे भी समझ जाते है कि आप झूठी तारीफ कर रहें हैं या सच्ची में तारीफ कर रहे हैं ।। 

10. लगातार Observe और Improve करते रहिए 

Personality Development एक ongoing process है । हम सभी लोगों में अपने improvement का अनंत स्कोप है । इसलिए कभी भी ये मत समझिये की बस अब जितना improvement होना था वो हो गया । बल्कि अपने लिए कुछ समय निकालकर अपनी की गई activity और बोले गए वर्ड्स को बारीकियों से observe करिए । आपने क्या किया, उस किये हुए को और अच्छा से कैसे कर सकते हैं । कहीं ऐसा तो नहीं कि आप किसी चीज को लेकर खुद को तीस मारखां समझ रहें हैं, और हकीकत में लोग आपकी उस बात को पसंद नही कर रहे हैं ।  

For ex.. मैंने अपने आप को ये रियलाइज किया कि मैं लोगों में जल्दी से जल्दी improvement लाने के लिए उनके कमियों के ऊपर बहुत ज्यादा पॉइंट आउट कर दिया करता था । जिसकी वजह से उन लोगों के अंदर कॉन्फिडेंस लेवल कम हो जाता था । इसलिए मैं अपने इस पॉइंट के ऊपर काम किया और इसको improve किया, अब मैं धैर्य के साथ इस काम को करता हूँ । 

इसलिए दोस्तों, आप भी इस रास्ते पर बढ़ते हुए observe करते हुए चलिए और उसको इम्प्रूव करते चलें । 

दसों पॉइंट्स को अपने जीवन में कैसे अप्लाई करेंगे ?

दोस्तों आप सभी को ये दसों पॉइंट्स को बारी-बारी से प्रैक्टिस करना है । यहां से आप अपनी पसंद का कोई भी एक पॉइंट choose कर सकते हैं । ये ध्यान रहे कि आपको एक बार मे केवल एक ही पॉइंट पर फ़ोकस करना है । Choice करने के बाद उसको आप अपने रियल लाइफ में लागू करें । और अपने Day-today एक्टिविटीज पर हमेशा नज़र रखें । और देंखे की सचमुच में आप इसको अप्लाई कर पा रहें है या नही । जब एक हप्ता हो जाये तब दूसरे पॉइंट को उठाएं, और उसके ऊपर वैसे ही प्रैक्टिस शुरू करें । ध्यान रहे कि, दूसरे पॉइंट की प्रैक्टिस में पहला पॉइंट न भूल जाये । अगर भूल भी जाता है तो, जाने दें आपका फोकस दूसरे पॉइंट पर ही होना चाहिए । दूसरा पॉइंट miss नही होना चाहिए । 

इसी तरह से बाकी सभी पॉइंट की प्रैक्टिस करते रहें, और पिछले पॉइंट को भी शामिल करें । कुछ महीने जाते जाते आप ये पाएँगे की आप सभी पॉइंट्स को भली भांति अपने लाइफ में सम्मिलित कर चुके हैं । और सारी बातों पर अच्छे से ध्यान दे पा रहे हैं । Be patient and keep on moving, and Surely... आप बहुत जल्दी एक Pleasant Personality के मालिक होंगे । 

"मैं आशा करता हूँ कि, आपको मेरा ये लेख (Personality Development Part-2)  पसंद जरूर आएगा, और ये मेरा विश्वास है कि आप इसको अपने जीवन में भी लागू करेंगे । और आपको पसंद आया होगा तो इस लेख को अपने दोस्तों और जानने वालों को जरूर शेयर करें । ऐसे ही और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए मेरे इस पेज को फॉलो जरूर करें ।" 


Wednesday, 22 March 2023

एक Best Team Leader बनने के लिए इन Qualities को अपनाना बहुत ही जरूरी है ।


दोस्तों, डायरेक्ट सेलिंग एक ऐसा बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, जहाँ टीम बनाना और उस टीम पे काम करना सिखाया जाता है । चाहे नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस हो या कोई और बिजनेस या कोई प्राइवेट कंपनी हर जगह पर टीम वर्क होता है । और उस टीम को चलाने या उसका नेतृत्व करने के लिए एक बेहतर टीम लीडर की जरूरत होती है । जिसकी वजह से टीम उस कंपनी को या उस बिजनेस को एक बेहतर उत्पादन दे सके । 


लेकिन आज के दौर में प्रोफेशन चाहे कोई भी हो टीम का नेतृत्व करना आसान नहीं होता । यहाँ पर ये सवाल उठता है कि, आपको अपने टीम का नेतृत्व करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? एक अच्छे टीम लीडर में कौन से गुण होने चाहिए ? 

तो दोस्तों आप मैं इस आर्टिकल के माध्यम से ये बताऊंगा की एक अच्छा टीम लीडर बनने के लिए आखिरकार आपके अंदर वो कौन कौन सी क्वालिटी होनी चाहिए । 

दोस्तों, अलग-अलग बैकग्राउंड, क्वालिटी और स्वभाव के लोगों को एक सूत्र में पिरोने, टीम के हर एक सदस्य से उसकी योग्यता के अनुरूप काम लेने और कंपनी को तरक्की की ओर ले जाने की जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाने के लिए अपने काम में दक्ष होने के साथ-साथ कुछ जरूरी गुणों की भी दरकार रहती है। तो इन गुणों को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा आपको जरूर बनाएं।

1. निर्णय क्षमता

नेतृत्व के लिए सबसे जरूरी गुण निर्णय लेने की क्षमता होती है, इसलिए जल्दी और उचित निर्णय लेने में निपुणता हासिल करें, क्योंकि आपके निर्णयों पर ही टीम की परफॉरमेंस निर्भर करती है । अपने Downline की छोटी -छोटी गलतियों से Irritate न हों, उनकी उन गलतियों को अपने लीडरशिप लेवल तक ही निवारण कर दें । 

काबिल टीम लीडर न केवल आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेते हैं, बल्कि हर काम के प्रति अपनी जवाबदेही भी स्वीकारते हैं । किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी लेने के लिए अपने आप को सक्षम रखें । एक सफल लीडर अपने दिमाग को शांत रखकर जिम्मेदारी लेने से घबराता नही है ।  इसलिए कभी भी किसी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से पीछे न हटें। और साथ साथ ही अपनी गलतियों से सबक जरूर लें और उन्हें सुधारने के लिए सदैव तत्पर रहें ।

2. इमोशनल इंटेलिजेंस

एक सफल टीम लीडर दूसरों की भावनाओं पर काबू पाना भी जानता हैं, इसलिए इमोशनल इंटेलिजेंस का गुण विकसित करें। इसके लिए किसी Downline या अपने Upline की कही बातों पर उत्तेजित होकर भला-बुरा कहने के बजाय शांत और संयमित रहना सीखना होगा । किसी के कही हुई बातों को गौर से सुने और उसके ऊपर मंथन करें और हर बातों में से एक पॉजिटिव सोच के साथ Respond करें ।

3. कम्यूनिकेशन स्किल

कम्यूनिकेशन स्किल केवल अपनी बात कहने की कला नहीं होती, इसमें दूसरों की बात सुनने का गुण भी शामिल होता है। इसलिए बतौर टीम लीडर अच्छे ढंग से बात कहने और टीम मेंबर्स की बातों को सही अर्थों में समझने में महारत हासिल करें । अपनी बातों में Loose टॉक को शामिल न करें चाहे वो आपके कितना भी नजदीकी क्यों न हो । अगर आप किसी नजदीकी से लूज टॉक करेंगे तो निश्चित ही आपके चरित्र पर भी सवाल उठेंगे । जो आपकी टीम के लिए बहुत अच्छा नही हो सकता है ।

4.  खुद में सुधार करें

सच्चे टीम लीडर हरदम नया सीखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी कोशिश अपने साथ-साथ टीम मेंबर्स की स्किल में इजाफे और कार्यशैली में सुधार की होती है। इसलिए हर नई तकनीक को गले लगाने के अलावा खुद को अपडेट और अपग्रेड करने में कोई कोताही न बरतें । इसके लिए आप हर दिन रिलेटेड किताबों का अध्ययन करें, गूगल पर सर्च करें, यूट्यूब का भी सहारा ले सकते है। अपने नॉलेज को दिन प्रतिदिन बढ़ाने के लिए अपने आप को हमेशा प्रेरीत करें । 

5.  साथ-साथ इन छोटी-छोटी बातों पर भी विशेष तौर पर ध्यान दें :- 

(क). आत्मविश्वासी और अपने काम में दक्ष बनें। चुनौतियों से घबराएं नहीं ।

(ख). टीम के हर सदस्य के साथ एक समान और सम्मानजनक व्यवहार करें ।

(ग). जाति या क्षेत्रगत टिप्पणी करने से बचें ।

(घ). तार्किक सोच, दूरदृष्टि, परिस्थतियों को भांपने के साथ हालात के मुताबिक खुद को ढ़ालने का गुण विकसित करें।

(च). कंपनी की योजनाओं और नीतियों में आ रहे बदलावों पर नजर रखें और उसका सम्मान करना सीखें ।

(छ).सकारात्मक सोच और आपके काम में रचनात्मकता से ही तरक्की की राह बनेगी ।

(ज). कठिन से कठिन हालात में भी टीम को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहें ।

एक अच्छा टीम लीडर बनने के लिए इन गुणों को अपनाना बहुत ही जरूरी है । इस आर्टिकल में आपने ये पांच बातें जानीं, जिसको अगर आपने अपना (फॉलो कर) लिया तो आपको एक सफल लीडर बनने से कोई भी नही रोक सकता है ।  और हाँ, ये Direct Selling पैटर्न दुनिया का एकमात्र ऐसा पैटर्न है, जहां पर लोग बहुत तेजी से अपने आप मे बदलाव लाते हैं, क्योकि यहाँ पर ट्रेनिंग देने के बाद आपसे तुरंत ग्राउंड लेवल पर उसको करवाया जाता है । तो दोस्तों यह एक बेहतर टीम लीडर कैसे बने?  (How to become a best Team Leader in Network Marketing) की जानकारियां आप खुद सीखें और यही चीजें अपने Downline में भी सिखाएं, इससे आपके लीडर बनने के साथ आपके Downline से भी बेहतरीन लीडर्स जल्दी पैदा होंगे  ।


यह आर्टिकल पढ़कर आपको अगर अच्छा लगा और आपको कुछ सीख मिली तो इस पोस्ट को अपने बाकी सभी लीडर्स को भी साझा करें, ताकि वो भी नेटवर्क मार्केटिंग लीडरशिप के बारे में ज्यादा से ज्यादा अपने Downline को समझा सकें । 

Monday, 20 March 2023

ये 6 बातें एक Upline अपने Downline को सीखा दिया तो...उसका Downline उसको छोड़कर कभी नहीं जाएगा !!!


ये 6 बातें  एक Upline अपने Downline को सीखा दिया तो...उसका Downline उसको छोड़कर कभी नहीं जाएगा !!!


दोस्तों, आज हम सब ये जानेंगे कि नेटवर्क मार्केटिंग में लोग जुड़ते तो बहुत जल्दी हैं, लेकिन उसी स्पीड से उस कंपनी से बाहर भी हो जाते हैं । आखिर उनके साथ ऐसा क्या होता है और क्यों होता है कि वे लोग बहुत जल्दी क्विट कर जाते हैं । 

जब भारत सरकार ने नई गाइडलाइन जारी किया है तब से लोगों के मन में नेटवर्क मार्केटिंग के प्रति नजरिया बदला है । लेकिन इस इंडस्ट्री में अक्सर ये देखा जाता है की कुछ लोग बहुत जल्दी अपने टीम में लोगों को ज्वाइन करा लेते हैं, परन्तु उतनी ही जल्दी वे लोग छोड़ के भी चले जाते हैं। इसका एक ही कारण है की Upline को अपने नए Downline को गाइड करना नही आता है, कि एक नए डाउनलाइन को क्या सिखाना चाहिए और क्या नहीं। और अपलाइन की कुछ गलतियों की वजह से एक नया डाउनलाइन सही से इस बिजनेस को सीख नही पाता और बाद में निगेटिव होकर छोड़ कर चला जाता है।

फ्रेंड्स साथ साथ मे ये भी बताता चलूँ की नेटवर्क मार्केटिंग एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है, और 100% प्रोफेशनल बिजनेस है । अगर आपको इस इंडस्ट्री के बारे में और आप जिस कंपनी में जुड़ें हैं उसके बारे में अगर पूरी जानकारी नही रखेंगे तो आपकी टीम को टूटते देर नही लगेगी । यह बिजनेस सभी बिजनेस से बिल्कुल अलग इसलिए होता है, क्योंकि इसमें आपको शुरूआती समय में मेहनत, सपनों, टीम बिल्डिंग, टीम एजुकेशन, टीम मैनेजमेंट और PDP (पर्सनालिटी डेवलोपमेन्ट) पर जम कर काम करना पड़ता है । अगर आपके अंदर ये सब गुण नही है तो आप कामयाब नही हो सकते हैं ।

तो आज इस आर्टिकल में मैं आप सभी को एक अपलाइन की जिम्मेदारी (Upline Responsibility in Network Marketing) के बारे में बताऊंगा की उसे अपने किसी भी नए डाउनलाइन या टीम मेंबर को ये छे (six) चीजें सिखाना चाहिए जिससे वह कभी भी इस बिजनेस को छोड़ के नही जाएगा और इस बिजनेस में निगेटिव नही होगा।

1. कंपनी की खूबियां और प्रोडक्ट्स की जानकारी पूरी तरह से दें । 

जब आप किसी को अपने टीम में जोड़ते हैं, तो सबसे पहले उस प्रोस्पेक्ट को कंपनी की सारी जानकारियां, डाइरेक्ट सेलिंग के बारे में Basics और अपनी कंपनी के प्रोडक्ट के बारे में अच्छी तरह से बताने के साथ साथ टेस्टिमोनीयल विडियो भी दिखाएँ । साथ साथ उसके पास बैठ कर उसकी लिस्ट बनवाएँ और उसको काम की शुरुवात करवाएँ और उसको ज्यादा पैसे कमाने का तरीका बताएं ।   

2. उसे अपने ट्रेनिंग सिस्टम के साथ तुरंत जोड़ दें 

जब भी आपके साथ कोई नया टीम मेंबर जुड़ता है तो तुरंत उसे अपने ट्रेनिंग सिस्टम के साथ कनेक्ट कर देना चाहिए, चाहे आपकी डेली ट्रेनिंग होती हो, सेमिनार हो, ऑफलाइन ट्रेनिंग हो या ऑनलाइन ट्रेनिंग हो, लाइव ट्रेनिंग हो या रिकॉर्डेड ट्रेनिंग हो। उसे हर जगह कनेक्ट कर दें ताकि वह जल्दी से जल्दी इस बिजनेस को सीख सके और इस बिजनेस की पोटेंशियल को समझ सके।

3.  Three Layer डीप ट्रेनिंग दें 

बहुत सारे Uplines ये आम गलती करते हैं, कि वे जब किसी प्रोस्पेक्टस को Join करते हैं तो केवल उसको थोड़ा बहुत जानकारी देकर तुरंत दूसरे प्रोस्पेक्टस को ढूंढने लग जाते हैं, और अपने उस Downline को भूल जाते है, इसलिए वो आपकी टीम से जल्दी  टूटकर बाहर चला जाता है । आप जब भी किसी को जॉइन करें उनको 3 Layer Deep ट्रेनिंग रुल को बताएं । यानी कि, आप अपने टीम के थर्ड लाइन नीचे तक (3 Layer तक) के प्रोस्पेक्टस को ट्रेनिंग दें और उनसे भी यही करने को प्रेरित करें । इससे आपके नीचे जो टीम बनेगी वो एक बेहतर टीम बनेगी और एकजुट रहने के साथ एजुकेट भी रहेगी  । 

4. उसके गोल को डिसाइड करो 

नेटवर्क मार्केटिंग में जब कोई नया आता है तो उन्हें इस बिजनेस की पोटेंशियल के बारे में ज्यादा नहीं पता होता जिसके वजह से उनके Goals भी छोटे होते हैं। लेकिन कई बार कुछ अपलाइन ये गलती करते हैं की यदी कोई डाउनलाइन दस हजार कमाने के लिए इस बिजनेस में आया है तो उसे एक करोड़ कमाने की नसीहत देने लगते हैं, जबकि वे खुद नही पाते। तो दोस्तों आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, सबसे पहले डाउनलाइन की Need को समझो, की उसका Desire क्या है, वह कितना कमाना चाहता है फिर उसके Need के अनुसार उसका Goal डिसाइड करो। अगर उसकी सोच दस हजार की है तो उसे बता सकते हो की आप इस बिजनेस से एक लाख भी कमा सकते हो ।

5. उसे कैसे काम करना चाहिए, के बारे में समझाओ 

नेटवर्क मार्केटिंग में नया ज्वाइन हुआ प्रोस्पेक्ट एक प्राइमरी क्लास के बच्चे की तरह होता है, उसे इस बिजनेस के बारे में कुछ नही पता होता है, वो एक कुम्हार के कच्चे मिट्टी की तरह है और अभी से आप उसको जैसे सांचे में ढलोगे वो वैसे ही बनेगा। इसलिए उसे रोज की Activity के बारे में बताओ की उसे रोज क्या करना है। उसने जो Goal बनाया है उसे हासिल करने के लिए काम भी करना होगा, उसको बेसिक से सिखाओ की उसे नेम लिस्ट कैसे बनाना है, इन्विटेशन कैसे करना है इत्यादि।

6. उसे नेगेटिविटी से बचाएं 

जब कोई नया प्रोस्पेक्ट नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़ता है तो उसे इस बिजनेस की ज्यादा समझ नही होती है और जब वह अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या अन्य किसी पहचान वालों को इस बिजनेस में इन्विटेशन करना शुरू करता है तो कई बार कुछ लोग उसे ही नेगेटिव करने लगते हैं की तू फंस गया है, नेटवर्क मार्केटिंग बेकार काम है और ना जाने क्या क्या उसको सुना देते हैं, जिसके वजह से उस नए डाउनलाइन को भी लगता है की शायद वे सही बोल रहें हैं, मुझे यह बिजनेस नहीं करना चाहिए और नेगेटिव होकर वो भी छोड़ देते हैं। तो दोस्तों इस बात को आपको समझना होगा की जब भी कोई नया व्यक्ति इस बिजनेस में जुड़ता है तो उसे नेगेटिविटी से बचा के रखना है जबतक वह इस बिजनेस की अच्छे से समझ नही जाता। क्योंकि जिन लोगों को नेटवर्क मार्केटिंग की पोटेंशियल के बारे में पता नही होता और इसके सिद्धांत को नही समझते वही लोग इस बिजनेस की बुराई करते हैं, और दूसरों को भी ना करने की सलाह देते हैं। तो यह आपकी जिम्मेदारी बनती है, कि एक नए प्रोस्पेक्ट को निगेटिविटी से बचाना और उसे सही गाइड करना ।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में आपने ये छः बातें जानीं जो आपको एक नया डाउनलाइन को सीखना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर केस में यही होता है की नए प्रोस्पेक्ट को पता ही नही की ज्वाइनिंग के बाद उसे अब करना क्या है और उसका अपलाइन भी उसपर ध्यान नही देता जिसके वजह से वह जितना जल्दी ज्वाइन करता है उतनी ही जल्दी छोड़ के भी चला जाता है। तो दोस्तों यह एक अपलाइन की जिम्मेदारी (Upline Responsibility in Network Marketing) है की वह अपने नए डाउनलाइन को यह छः चीजें सिखाए, ताकि वह भी इस बिजनेस में एक सफल लीडर बन सके।


"यह आर्टिकल पढ़कर आपको अगर अच्छा लगा और आपको कुछ सीख मिली तो इस पोस्ट को अपने बाकी सभी लीडर्स को भी साझा करें, ताकि वो भी नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में ज्यादा से ज्यादा अपने Downline को समझा सकें। "

Tuesday, 21 February 2023

Direct Selling Industry को जॉइन करने का सही समय आ गया है !!!

 


नेटवर्क मार्केटिंग (डायरेक्ट सेलिंग) कंपनी में जॉइन करने का सबसे 

सही समय क्या आ चुका है  ?

दोस्तों, डायरेक्ट सेलिंग या Multi Level Marketing (MLM) आने वाले 5 सालों में इंडिया में धूम मचाने वाला है, यह बिजनेस साल 2025 तक इंडिया में अपने चरम पर होगा, इसकी मार्केट कैप्टलेजेसन देश में सभी बिजनेस को पीछे छोड़ देगा । इसके ऊपर आज की तारीख में सरकार भी बहुत ही संजीदगी से काम कर रही है, और महीने दर महीने इसकी ग्रोथ रेट बहुत तेजी से ऊपर बढ़ रही है।  और ये बात में ऐसे ही नहीं बोल रहा हूँ इसमें 100% सच्चाई हैं । आप WFDSA का 2021-2022 का annual रिपोर्ट भी देख सकते हैं।

यहां पर मैं आपको अगर वर्ल्ड के दूसरे विकसित देशों को उठा कर देखें तो, उन सभी कन्ट्रीज के अंडर नेटवर्क मार्केटिंग (Direct Selling) को बहुत ही ज्यादा महत्व दिया जाता है,  क्योंकि, Network Marketing (डायरेक्ट Selling) लोगों का बिज़नेस हैं, और जब तक दुनिया में लोग रहेंगे तब तक ये बिज़नेस जोरदार तरीके से चलता रहेगा ।

बहुत सारे लोगों को इस बिजनेस की सही जानकारी न होने के कारण इसको फसने-फसाने वाला बिजनेस या काम बोलते हैं या ये भी कहते हैं कि, ये चैन मार्केटिंग (या chain बनाने वाला) सिस्टम भी कहते हैं । कुछ लोग तो ये तक बोलते हैं कि जिसके पास कोई काम नही होता, या जो निठल्ले होते हैं वो लोग इस बिजनेस को करते हैं। 

मैं उनसे सहमत भी हूँ, क्योंकि उन लोगों के पास अभी तक इस बिज़नेस की प्रॉपर जानकारी नहीं पहुंच पायी हैं । या वे लोग किसी फ़्रॉड, पोंजी स्कीम या मनी लांड्रिंग, मनी सर्कुलेशन जैसी कंपनियों के शिकार बन चुके है। और यही मुख्य कारण है कि लोग अपने साथ-साथ जो इस बिजनेस को कभी किये नही है, उन लोगों को भी गलत जानकारी दे चुके हैं। और मैं ये भी बताना चाहता हूं कि,  दुनियाँ में कुछ काम ऐसे भी होते हे जो लोगो को आसानी से समझ में भी नहीं आते हैं । 

हमें लोगों की मानसिकता बदलनी होगी । इसके बारे में सही जानकारी सभी को देनी होगी । इसके ऊपर Indian Govt के नए गाइडलाइन को सभी को बताना होगा । नई गाइडलाइन को सरल तरीके से पढ़ने के लिए आप मेरे ब्लॉग पर विजिट भी सकते हैं । वहाँ पर सारी जानकारियां बहुत ही सरल हिंदी भाषा मे बताई गई हैं । और मैं इतना दावे के साथ कह सकता हूँ, कि अगर आप उस पोस्ट को पढ़ लेते हैं, तो आप कभी भी किसी गलत कंपनी का शिकार नही होंगे ।

आइये, आपको एक साधारण से Example से समझता हूँ, हम लोग दिन भर Facebook और Whatsapp का कितना यूज़ करते हैं और इसके लिए आपसे एक पैसा भी नहीं लिया जाता है, तो आप ये सोचिये की उनकी कमाई कैसे होती हैं और जबकि कमाई के मामले में Facebook दुनिआ में टॉप 3 बिज़नेस में आता है । कुछ लोग सोचते हैं अगर फेसबुक आपसे पैसा नहीं ले रहा तो कमाता कैसे हैं? कुछ लोग सोचते हैं कि, फेसबुक की कमाई कैसे होती हे? कुछ लोग सोचते है कि कमाई होती भी है या नहीं, और कुछ लोग इसके बारे में रिसर्च करना नहीं चाहते हैं ।  दोस्तों सबसे पहले आपके लिए ये जानना जरूरी हैं की कोई इंडस्ट्री बनती कैसे हैं और चलती कैसे हैं । किसी भी नयी इंडस्ट्री को चलने के लिए उसे 4 चरणों से गुजरना ही पड़ता हैं । 

1. नकारात्मक चरण । 

2. सकारात्मक चरण । 

3. विकास चरण । 

4. प्रतिस्पर्धा चरण । 

1.   NEGATIVE PHASE (नकारात्मक चरण)

Negative Phase हर नई इंडस्ट्री को झेलना पड़ता हैं, जब भी Market में कोई नया बिज़नेस आता हे तो लोग पहले- पहले उसे ठीक से समझ नहीं पाते और उसे इग्नोर कर देते हैं । जैसे पहले आपलोग देखे होंगे की, बैंकिंग सेक्टर, इंश्यूरेंस, टेलीकॉम और आईटी इंडस्ट्री के साथ भी हुआ था । पहले न तो कोई बैंक में पैसा रखता था और न ही इन्शुरन्स लेता था क्युकी पहले लोगो को किसी पे भरोसा नहीं था लेकिन देखिये आज ये वही इंडस्ट्री हैं जिनके बिना किसी भी राज्य की कल्पना करना असंभव हैं । 

2.  POSITIVE PHASE. (सकारात्मक चरण)

ये वो टाइम होता हे जब लोग का इंडस्ट्री के ऊपर ट्रस्ट बढ़ने लगता हैं, और उनका भरोसा निर्भर करता हैं रिजल्ट्स पर, और जो लोग उस टाइम इंडस्ट्री में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे होते हैं या जो इंडस्ट्री को इग्नोर करते हैं, वो रिजल्ट देखने के बाद उस इंडस्ट्री में दिलचस्पी लेने लगते हैं, जैसा की बैंकिंग इंडस्ट्री और  इन्शुरन्स इंडस्ट्री के साथ हुआ था, इन्शुरन्स की वैल्यू लोगों को तब पता चली, जब किसी दुर्घटना के बाद उसके घरवालों को पैसा मिला होगा । 

3.  GROWTH PHASE. (विकास चरण)

जब एक बार किसी इंडस्ट्री पर लोगों का भरोसा होने लगता हैं, तो उसकी ग्रोथ बहुत जल्दी होने लगती हैं, क्युकी ऐसे फेज में लोगों को ज्यादा समझाने और बताने की जरूरत नहीं होती हैं और जब तक कोई कंपनी ग्रोथ फेज में नही आ जाती है, लोग उसके साथ जुड़ना पसंद नहीं करते हैं,  और जैसे कंपनी Growth Phase में एंटर करती हैं तो लोग उसके साथ इन्वेस्टमेंट के साथ साथ काम भी करना सुरु कर देते हैं ।

4.   COMPETITION PHASE. (प्रतिस्पर्धा चरण)

हर एक कंपनी के अंदर ही एक वक़्त ऐसा आता है, जब कंपनी के अंदर ही कम्पटीशन बढ़ने लगता है । कंपनी की ग्रोथ को देख कर ही मैक्सिमम लोग कंपनी से जुड़ना शुरू कर देते हैं, और ज्यादा लोग जुड़े होते हैं, तो ज्यादा प्रॉफिट के चक्कर में लोगो के अंदर ही कम्पटीशन होने लगता हैं, फिर चाहे कोई भी सेक्टर हो बैंकिंग, टेलीकॉम, या फिर ऑनलाइन शॉपिंग । आज के टाइम हर सेक्टर में बहुत ही हाई लेवल का कम्पटीशन हैं ।

इतना कुछ बात होने के बाद आपके भी मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि, आखिर वो सही समय कौन सा है? जिस समय मे मैं किसी इंडस्ट्री को जॉइन करूँ और सक्सेज हो जाऊं ?

BEST TIME TO JOIN IN DIRECT SELLING INDUSTRY

डाइरैक्ट सेलिंग को जॉइन करने का सही समय  


आपके लिए सबसे बेस्ट टाइम हो सकता हैं "नेगेटिव फेज" (Negative Phase), क्योंकि किसी भी कंपनी के नेगेटिव फेज में लोगों का ट्रस्ट नहीं होता । अगर आप बिज़नेस मॉडल को ठीक से समझ पा रहे हैं, और आपका ट्रस्ट उस Industry पर बन रहा है, तो आप बिना झिझके उस कंपनी को नेगेटिव फेज में ही ज्वाइन कर लीजिये । क्योंकि, ऐसा करने से आपका Growth Rate बहुत ज्यादा हो जाता है। और ऐसे में आपके कम्पटीशन के लिए भी कोई खड़ा नहीं होता है । 

इस पोस्ट के जरिए मैं आपलोगों को ये बताना चाहता हूँ कि, आप सभी के लिए बहुत जरूरी हैं, की आप कंपनी के सारे फेसेस को अच्छे से समझिये और जानिए । कंपनी के Composition Plan (संरचना के प्लान) को अच्छे से समझिये, उसकी Core Value को समझने का प्रयास करिए, Company के Policies को समझिये । नेगेटिव फेज में काम सुरु करने से Growth Rate बहुत ज्यादा होता है । 

दोस्तों, आज हर एक डायरेक्ट सेलर एक बेहतर कंपनी के साथ -साथ बेहतर प्लेटफार्म की तलाश में लगा हुआ है, लेकिन भारत देश में जब से सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग के ऊपर नई गाइडलाइंस जारी की है, तब से लेकर आज तक ज्यादातर लोगों को नई गाइडलाइन के बारे में सही जानकारी न होने के कारण आज भी अपने देश की भोली भाली जनता के साथ बहुत सी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां खिलवाड़ करके, यानी उनको अपने जाल में आसानी से फसा कर लूट-पाट कर भाग जा रही हैं । 

मेरे कहने का मतलब यही है कि, आप सभी लोग जानकर बनें, अपने भारत सरकार की नई गाइडलाइन को ध्यानपूर्वक पढ़ें, आसान भाषा मे गाइडलाइंस को समझने के लिए मेरे पेज पर visit करें, वहाँ पर सारी जानकारियां डिटेल में दी हुई हैं ।  


"दोस्तों, मैं ये आशा करता हूँ कि, आप सभी लोगों को मेरा ये पोस्ट (Direct Selling को जॉइन करने का सही समय आ गया है) पढ़कर डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के बारे जानकारी और आपके कैरियर का एक कदम आगे बढ़ाने में साहस जरूर मिलेगा । ऐसे ही और पोस्ट के लिए मेरे पेज को फॉलो करें ताकि जो भी पोस्ट डालूं आप सभी लोगों को मिलता रहे ।"  

Saturday, 11 February 2023

पर्सनालिटी डेवलपमेंट (Personality Development)के 12 मूल मंत्र

 



PERSONALITY DEVELOPMENT

दोस्तों,  मैं आप सभी लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से बताना चाहता हूँ, कि आप सभी इस 12 मूल मंत्र को अगर अपने लाइफ में गहराई से उतार लें तो आप अपने गोल को बहुत ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं । आप कही भी, किसी सेक्टर में काम करते है, वहाँ पर आपकी पर्सनालिटी बहुत मायने रखती है । आइये जानते है, वो 12 मूल   मंत्र :- 

1.   अच्छी आदतों का विकास :-

सबसे पहले आपको अपनी पर्सनालिटी को डेवलप करने के लिए आपको अपनी अच्छी आदतों का विकास करना होगा। क्योकि पर्सनालिटी डेवलपमेंट में आपकी आदतें बहुत सहायक होती है। अगर आप सफल लोगों की तरह सफल होना चाहते हैं, तो आपको उनकी तरह ही, अच्छी आदतों का विकास करना होगा। आदतें आपको न केवल एक सफल व्यक्ति बनाती है, बल्कि आदतें आपको एक अच्छा इंसान भी बनाती हैं ।

2.   अपने जूनून का पालन करें :-

अगर आप अपने जीवन में सुखी और सफल बनना चाहते हैं, तो अपने पैशन (जूनून) को फॉलो करें , अर्थात वो काम करें जो आपको करने में मजा आता हो। अगर आप वही काम करते है जो काम आपको करने में मजा है, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। 

अगर आप वही काम करते है जो आपको अच्छा लगता है। तो आप उस काम को करने में कभी भी थकान महसूस नहीं करते है। न ही आपको समय का पता चलता है। इसलिए कभी भी वही काम करे जो आपको करने में मजा आता हो । आपको दिन-रात, सोते-जागते हर समय आपको अपने जूनून का ध्यान रहना चाहिए, कि इस काम में जल्दी से जल्दी कैसे सफलता प्राप्त किया जाय । और जब आपकी सोच इस तरह से होने लगेगी, तो आप बहुत जल्दी अपनी कामयाबी को हासिल कर पाएंगे । 

3.   लगातार प्रयास करते रहें :- 

पर्सनालिटी डेवलपमेंट का अहम हिस्सा है, "लगातार प्रयास करना" यानी आप जो काम करते हैं अगर उसका लगातार प्रैक्टिस करते हैं, तो एक दिन जरूर आप उस काम में काफी निपुण हो जाएंगे । हर दिन एक नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ ही अपने काम की शुरूआत करें । आपने ये कहावत तो जरूर सुनी होगी "प्रयास ही मनुष्य को परिपूर्ण बनाता है । 

कई लोगो के मन में सवाल आता है कि "प्रयास कैसे करे"? इसके लिए आपको प्रैक्टिस करना पड़ेगा, और इसके लिए आप नए नए लोगो से मिलकर उनसे बात कर सकते हैं। और अपने शीशे के सामने खड़े होकर भी प्रैक्टिस कर सकते है ।लगातार प्रैक्टिस ही एकमात्र ऐसा नियम है, जो आपको अपने लक्ष्य की प्राप्ति बहुत ही जल्दी करवा सकता है । 

4.   हमेशा सकारात्मक रहें :- 

मन और बुद्धि का अगर कोई विकास करता है, तो वो है 'सकारात्मक सोच' । हमेशा सकारात्मक रहें और सबसे सकारात्मक बातें ही करें। कभी भी किसी के सामने नकारात्मक बातें ना करें, यदि आप ऐसा करते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति आपसे दूर भागने लगेगा । क्योंकि, लोगों को ये लगने लगता है, कि यह व्यक्ति खुद तो नेगेटिव है, और अगर हम उससे बातें करेंगे तो हम भी नेगेटिव हो जायेंगे । 

कहा जाता है की गन्दी मछली पुरे तालाब को गन्दा कर देती है इसी प्रकार अगर कोई व्यक्ति नकरात्मक बातें करता है तो कोई भी व्यक्ति उससे दूर भागता है। 

5.   खुद पर भरोसा जरूर करें :- 

"खुद पर भरोसा" पर्सनालिटी डेवलपमेंट का महत्वपूर्ण तथा अहम् बिंदु माना जाता है। आपको खुद के ऊपर पूर्ण विस्वास होना चाहिए। तो ही आप जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। देखा गया है की ज्यादातर लोग जो खुद पर भरोसा नहीं करते, वो अपने जीवन में उदास रहते हैं । जो लोग खुद पर भरोसा नहीं करते वो फेल हो जाते हैं । चाहे दुनिया आप पर से भरोसा करना बंद कर दे। आप कभी भी खुद पर भरोसा करना बंद न करें । 

देखा जाये तो आजकल का हमारा वातावरण ऐसा हो गया है की मनुष्य की सफलता का अनुपात बहुत कम हो चुका है। आखिर इसका कारण क्या है ? 

इसका कारण समाज के लोग हैं, जो हमें बात-बात पर डिमोटिवेट करते रहते है। आपको एक बात समझनी ही पड़ेगी की समाज के लोग तो आपको निचा दिखाएंगे ही, परन्तु आपको हमेशा पॉजिटिव रहना होगा तभी आप अपने जीवन में सफल हो सकेंगे।

6.   सबका आदर जरूर करें :- 

सबका आदर करना सीखें । यानि कोई भी व्यक्ति हो उसके प्रति आदर भाव सम्मान रखें । यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपकी पर्सनालिटी खुद ही डेवलप होने लगाती है । आपको हर किसी का आदर करना चाहिए । अगर आप बुजुर्ग, जवान, बच्चे सभी के साथ आदर के साथ बात करते हैं, तो सामने वाले भी आपसे आदर के साथ बात करते हैं । और वो आप के ऊपर विस्वास करने लगते है। जिससे की समाज में आपकी इज्जत और भी बढ़ जाती है ।  

अगर आप सभीलोगों का आदर करते हैं, तो यह आपकी पर्सनालिटी के साथ-साथ आपकी कम्युनिकेशन स्किल में भी बहुत सहायता करता है । 

7.   खुद के प्रति ईमानदार रहें :- 

जो लोग खुद के प्रति ईमानदार होते हैं, वो पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मास्टर होते है। आपको खुद के प्रति ईमानदार होना होगा, यानि आपने जो बोला वो करना चाहिए । एकमात्र यही कारण है, की लोग आपके ऊपर विश्वास नहीं करते हैं । कहा जाता है, की जो व्यक्ति खुद का नहीं हो सकता वो दुसरों का कैसे हो सकता है। और यह बात सत्य भी है । अगर आप खुद के तथा दुसरो के प्रति ईमानदार होते हैं, तो लोग आपके ऊपर भरोसा करते हैं, तथा आपको ही अपना गुरु मानाने लगते हैं । 

केवल पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए नहीं बल्कि ईमानदारी आपको हर जगह विजेता बनाती है। अगर आप कोई बिज़नेस करते हैं, तो आप एक ब्रांड बन सकते है क्योंकि, लोगों का आपके ऊपर भरोसा है । कभी भी खुद के और दुसरों के प्रति ईमानदार रहें । 

8.   अपने लक्ष्य का निर्माण जरूर करें :- 

अगर आप कही घूमने जाते हैं, तो आपको पता होता है की आपको कहा जाना है । इसी तरह अगर आप बिना किसी लक्ष्य के अपने जीवन के पथ पर निकल जायेंगे। तो आप कितना भी घूम लीजिये आप अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाएंगे । अगर आप अपना लक्ष्य बनाते हैं, और उसे पूरा करते हैं । और यही प्रक्रिया बार बार करते है तो आपकी पर्सनालिटी को डेवलप होने से कोई नहीं रोक सकता है । 

लक्ष्य बनाना और इसे पूरा करना आपकी पर्सनालिटी डेवलपमेंट में बहुत सहायता करती है। अपने कई बार देखा होगा की अगर किसी व्यक्ति को फ़ोन लेना होता है तो वो पहले ही निर्धारित कर लेता है की मुझे एक महीने के अंदर फ़ोन लेना है। और आप देखेंगे की महीने के अंत तक वो फ़ोन उसके हाथ में होता है। ऐसा क्यों हुआ की उसने जो बोला वो कर दिया। क्योकि वो पहले से ही लक्ष्य बना चूका था की मुझे फ़ोन लेना है। इसी तरह आप अपने लक्ष्य बनाकर कोई काम करते हैं, तो आपका आंतरिक मन आपको वह कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता रहता है। इसलिए आप उस को आसानी से प्राप्त कर लेते हैं । 

9.   अपनी की गई गलतियों से सीखें :- 

पर्सनालिटी डेवलपमेंट की सबसे महत्वपूर्ण तथा सबसे आवश्यक बात जो आपको पर्सनालिटी डेवेलोमेंट का मास्टर बना सकती है। अगर आप अपनी गलतियों से खुद में बदलाव लाते हैं, और उन गलतियों से रोज कुछ नया सीखते हैं । तो आप सही रास्ते पर चल रहे है । जैसा की आप जानते हैं, पर्सनालिटी डेवलपमेंट एक दिन, दो दिन या पांच दिन में नहीं सीखा जा सकता है । किसी को भी पर्सनालिटी डेवलप करने में समय लगता है। इसी प्रकार जब आप अपनी गलतियों से धीरे धीरे सीखते हैं, तो आपको पता भी नहीं चलता और आप एक नए इंसान के रूप में खुद को देखते हैं । 

कई लोग प्रयास करते हैं और फेल हो जाते हैं । और उन लोगों को लगता है की मैं तो सफल ही नहीं हो सकता । इस पॉइंट से दो लोग उभरकर आते हैं । पहला व्यक्ति फेल होने के बाद पूरी तरह से टूट जाता है, और दूसरा व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखकर एक बार और प्रयास करता है, और सफल भी हो जाता है । अगर आप भी दूसरे व्यक्ति की केटेगरी में आना चाहते है, तो खुद को हमेशा पॉजिटिव रखें और अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ जाएं ।

10.   निंदा करने वाले लोगों को अपने नजदीक रखें :- 

अगर आप अपनी पर्सनालिटी में डबल ग्रोथ करना चाहते है तो ऐसे लोगों को अपने पास रखिये जो आपकी निंदा करते हों । यानि ऐसे लोगो के बीच में जाते रहे जो लोग आपकी कमियों को ढूंढ-ढूंढ कर आपको बताते रहें । ऐसे में आपको डिमोटिवेट होने की जरुरत नहीं है, बल्कि आप इन कमियों को धीरे-धीरे करके ख़त्म कर सकते हैं । अगर आप ऐसे लोगों के बीच में बार बार जाते रहें और उनके द्वारा बताई गई कमियों को दूर करते रहें तो आप जल्द ही पर्सनालिटी डेवलपमेंट के अंतिम शिखर तक पहुंच जायेंगे। 

पर्सनालिटी डेवलपमेंट का विकास करने के लिए आपको केवल दूसरे लोगों से प्रभावित होने की जरुरत नहीं है । आप खुद से भी अपनी पर्सनालिटी को डेवलप कर सकते हैं । क्योंकि आप से ज्यादा आपको कोई नहीं जानता है । आप खुद ही अपने मित्र तथा खुद ही अपने शत्रु हैं । आपको खुद अपनी गलतियों के बारे में जानना होगा, समझना होगा और उसमे सुधार करना होगा। जब आप खुद से खुद में बदलाव करने लगते हैं, तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है । 

हमेशा याद रखें कि, अगर आप को पर्सनालिटी डेवलपमेंट करना है, तो आपको खुद ही प्रयास करना होगा दूसरा कोई आपकी सहायता करने नहीं आएगा । 

11.   प्रतिदिन सुबह व्यायाम और योग करें :- 

आप लोग सोच रहे होंगे की योग और व्यायाम का पर्सनालिटी डेवलपमेंट से क्या नाता है । परन्तु आप को यह ही नहीं पता है, की योग और व्यायाम हमारी पर्सनल डेवलपमेंट के लिए बहुत ही जरुरी है। जैसा की अपने सुना होगा या जानते होंगे। योग हमें तनाव मुक्त करता है तथा हमें आत्म विश्वास से भर देता है। योग करने से हमारा शारीरिक स्वास्थ्य मजबूत होता है। योग हमें लम्बा जीवन जीने में भी मदद करता है । साथ ही योग हमारे मानसिक स्थिति में भी बदलाव लाता है । 

अब बात यहाँ आ जाती है की योग और व्यायाम किस प्रकार हमें पर्सनालिटी डेवलपमेंट में मदद करता है । जैसे की आपने ऊपर देखा योग के कितने फायदे है। आपकी पर्सनालिटी को बेहतर बनाने के लिए आपकी बॉडी की लैंग्वेज करीब करीब 55% तक सहायक होती है। अगर आप तनाव मुक्त रहते हैं, तथा शारीरिक रूप से स्वास्थ्य होते है और हमेशा खुश रहते है तो यह पर्सनालिटी डेवलपमेंट का ही भाग है। इससे आप समझ गए होंगे की पर्सनालिटी डेवलपमेंट में योग और व्यायाम का कितना महत्व है। 

योग और व्यायाम आपको न केवल पर्सनालिटी डेवलपमेंट में मदद करते है। बल्कि आपके जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के शिखर तक पहुंचने में मदद करते है। 

12.   सेल्फ-डेवलपमेंट की किताबें पढ़ें :- 

व्यक्तित्व विकास के लिए आत्म विकास वाली पुस्तकें पढ़ना बहुत ही आवश्यक है। किताबें उन सभी लोगो के जीवन का निचोड़ होती हैं, जो अपने जीवन में बहुत कामयाब हुए हैं । अगर आप आत्म विकास की किताबे पढ़ते हैं । तो आपको उन सभी लोगों से सिखने को मिलता है, जो इस फिल्ड में सफल हो चुके हैं । किताबें आपको सोचने की क्षमता में और कार्य करने के तरीकों में राह दिखाने का काम करती हैं । कहा जाता है की किताबें ही मनुष्य की सच्ची मित्र होती हैं । आपको हर दिन व्यक्तित्व के विकास के लिए आत्म विकास की किताबें पढ़नी चाहिए । 

एक अध्ययन के दौरान पाया गया है की जितने भी सफल लोग है उन सब में एक कॉमन आदत पाई गई है। की वो सभी लोग किताबें पढ़ते हैं । किताबों के द्वारा आप वो सभी ज्ञान प्राप्त कर सकते है जो आपको स्कुल, कॉलेज और समाज में नहीं सिखाया जाता है। अगर आप आत्म विकास से सम्बंधित किताबें पढ़ते हैं, तो आपको वो सभी ज्ञान प्राप्त होगा जिसकी आपको जरुरत है। 

ज्यादातर लोगो को यह परेशानी होती है, कि किताबें पढ़ना शुरू करते ही उन्हें नींद आने लगाती है । तो दोस्तों मैं आपको बता दू अगर आप सच में अपने व्यक्तित्व को निखारना चाहते है तो आपको किताबे पढ़नी ही पड़ेगी। किताबे हमें न केवल व्यक्तित्व विकास में सहायता करती है बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में भी सफल बनाती है। 

और अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि,  यदि आप इन सभी बातों को अपने जीवन में लगातार प्रैक्टिस करते हैं, तो आपके वयक्तित्व का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता है। और जब आपका व्यक्तित्व विकास हो जाएगा तो आपकी सफलता निश्चित आपके कदमों को चूमेगी । 

मैं आशा करता हूँ कि, आपको मेरा ये पोस्ट (ये 12 मूल मंत्र, जो आपकी पर्सनालिटी को बेहतर कर देगा) पढ़कर काफी कुछ समझ में आया होगा, कि आप अपने पर्सनालिटी को बेहतर कैसे कर सकते हैं । ऐसे ही और जानकारी के लिए आप इस पेज को फॉलो भी कर सकते है।। धन्यवाद

Tuesday, 31 January 2023

आसान भाषा में "Indian Direct Selling Guideline" को समझें !!


 

NEW DIRECT SELLING GUIDELINES IN INDIA

Direct Selling Guidelines are issued by Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution and Department of Consumer Affairs on 9, Sep 2016. These are issued as guiding principles for State Governments to consider regulating the business of "Direct Selling" and Multi-Level Marketing (MLM) in India.

Note: The document providing by me is simplified version of guidelines released by Indian Government in Hindi. The purpose is just educate our visitor about MLM & Direct Selling Guidelines. There may be certain difference in this simplified version. But, our only aim is to provide accurate information.

धारा 1: परिभाषा 

Guideline के पहले Clause यानी धारा में डायरेक्ट सेलिंग और पिरामिड स्कीम जैसे बहुत से शब्दों की परिभाषा दी गई है। Guideline के उलंधन पर Consumer Protection Act 1986 के तहत कार्यवाही होगी । Guideline को समझने से पहले इन शब्दों की परिभाषा समझना जरुरी है । 

Direct Seller: डायरेक्ट सेलर वह होता है,जो डायरेक्ट सेलिंग कंपनी से आधिकारिक रूप से जुड़ता है,और कंपनी के प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री करता है। डायरेक्ट सेलर को आप कंपनी का प्रतियोगी कह सकते है। 

Network of Direct Seller : डायरेक्ट सेलर नेटवर्क में बहुत से लोग किसी कंपनी से बतौर डायरेक्ट सेलर अलग-अलग लेवल पर जुड़े होते है। जैसे कोई व्यक्ति किसी को अपनी कंपनी में बतौर डायरेक्ट सेलर लाता है, तो वो दोनों एक नेटवर्क का हिस्सा है। बस नेटवर्क में कोई उपर तो कोई नीचे होता है। Direct Selling: मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्ट/ सर्विस को बेचना डायरेक्ट सेलिंग के अधीन आता है ।

Direct Selling Entity : डायरेक्ट सेलिंग कंपनी को ही Direct Selling Entity कहते है। जो की पिरामिड स्कीम में ना आती हो और पूरी तरह से प्रोडक्ट/ सर्विस आधारित हो।

Product/Service : प्रोडक्ट/सर्विस बेचने लायक होनी चाहिए,जो Expire ना हो । वही समय और जगह के अनुसार बेची जा सके | Product/Service पर ही डायरेक्ट सेलिंग कंपनिया चलती है। Product/Service की किमत क्वालिटी अनुसार होनी चाहिए।

Cooling-Off Period : यह समय अवधि है, जब डायरेक्ट सेलर किसी कंपनी से धारा 4 के तहत समझौता करता है और उस दिन तक जब डायरेक्ट सेलर के बीच समझौता खत्म होता है, इस बिच डायरेक्ट सेलर कोई भी अपराधिक मामला किये बिना समझौता खत्म करता है.

Pyramid Scheme : पिरामिड स्कीम वे होती है,जो MLM के नाम पर चलती है,पर वास्तव में MLM या डायरेक्ट सेलिंग कंपनी नही होती है। पिरामिड स्कीम गैर कानूनी होती है। पिरामिड स्कीम में और लोगो को जोड़ने पर निश्चित राशि देने का नियम होता है। पिरामिड स्कीम डायरेक्ट सेलिंग कंपनी की तरह प्रोडक्ट/सर्विस आधारित नही होती है,उनका प्रोडक्ट/सर्विस सिर्फ दिखाने के लिए होता है।

Consumer : उपभोक्ता वो होता है,जो कंपनी के प्रोडक्ट/सर्विस को इस्तमाल करता है। उपभोक्ता को कंपनी से डायरेक्ट सेलर जोड़ता है और कोई भी उपभोक्ता डायरेक्ट सेलर बन सकता है।  

डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के गुण 

Direct Selling Guidelines के अनुसार अगर कंपनी में ये गुण नही है, तो यह MLM/डायरेक्ट सेलिंग के अधीन ना आकर पिरामिड स्कीम कही जाएगी। 

(a)     कंपनी में पहले से निश्चित नही होना चाहिए, कि इतने लोगो को जॉइन करवाने पर इतना पैसा दिया जाएगा। अगर कंपनी पहले ही ये बताती है, तो वो पिरामिड स्कीम है। क्योंकि रेफेरल इनकम नीचे जुड़ने वाले लोगो की बिक्री पर निर्भर करती है, उसके अनुसार कुछ प्रतिशत मुनाफा तय होता है। इसलिए पहले से कोई अनुमान नही लगा सकते है,की नया डायरेक्ट सेलर कितनी बिक्री करेगा।

(b)     कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर से निश्चित रूप से प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री की उम्मीद नही कर सकती है। यह डायरेक्ट सेलर पर निर्भर करता है, की वह कितनी बिक्री कर सकता है। इसलिए कंपनी मात्रा और राशि अनुसार निश्चित बिक्री हर डायरेक्ट सेलर के लिए तय नहीं कर सकती ।

(c)      कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर से किसी भी तरह की फ़ीस किसी भी नाम से नही ले सकती है। डायरेक्ट सेलर को कंपनी से सिर्फ प्रोडक्ट/सर्विस लेने के पैसे देने होते है। कंपनी एंट्री फीस लेती है, तो वह भी गैर कानूनी है।

(d)      कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को समय-अवधि देती है, जिसमे वह कभी भी कंपनी को छोड़ सकता है। और किसी भी तरह का रिफंड उसका बकाया नही रहेगा।

(e)      डायरेक्ट सेलर के कहने पर कंपनी को प्रोडक्ट/सर्विस को वापस लेना पड़ेगा, अगर प्रोडक्ट/सर्विस बेचने योग्य रहती है।

(f)      वही कंपनी को डायरेक्ट सेलर और उपभोक्ताओं से आने वाली शिकायतों और समस्याओं का सुझाव जल्द से जल्द करना होगा । 

Remuneration System : कंपनी को पहले ही अपने डायरेक्ट सेलर के साथ इनकम प्लान और किस प्रकार कमीशन मिलेगा, ये बताना होगा । कंपनी को पहले ही किस तरह और कितना पेआउट है । इस पर पूरी जानकारी देनी होगी । 


(a)      कंपनी पहले से निश्चित नही कर सकती, कि इतने लोगों को जोड़ने पर इतना पैसा मिलेगा। ऐसा करने वाली कंपनी पिरामिड स्कीम है।


(b)      डायरेक्ट सेलर की प्राथमिक कमाई उनके और उनके नेटवर्क के द्वारा किये जाने वाली प्रोडक्ट और सर्विस की बिक्री पर ही होनी चाहिए ।


(c)      कंपनी को डायरेक्ट सेलर को "कितना कमीशन किस प्रोडक्ट की कितनी बिक्री पर मिलेगा" पूरा प्लान पहले ही बताना होगा। 

धारा 2: डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस की स्थापना के लिए शर्ते

किसी भी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के शुरू होने के 90 दिनों में इन शर्तों और प्रक्रिया को पूरा करना होगा :-

         (a)      कंपनी को सबसे पहले भारत सरकार के अंतर्गत रजिस्टर होना होगा।

(b)      कंपनी को अपने लीडर और डायरेक्ट सेलर के लिए एक मीटिंग करनी होगी । जिसमें उसे कंपनी की सारी जानकारी बिज़नेस प्लान के साथ सटीक ढंग से समझानी होगी। जिससे वे डायरेक्ट सेलर नए डायरेक्ट सेलर को समझा सके।

(c)      कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर के सारे अधिकार और कर्तव्य बताने होंगे। 

(d)      कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर की सारी बकाया राशि को चुकाना होगा । 

(e)     कंपनी को डायरेक्ट सेलर को प्रोडक्ट/सर्विस ना बिकने पर रिफंड प्रक्रिया की जानकारी देनी होगी, जिसमे कंपनी वापस प्रोडक्ट लेगी और पैसा देगी । जो की डिस्ट्रीब्यूशन के 30 दिन तक ही मुमकिन है । 

(f)     कंपनी को डायरेक्ट सेलर को एक Cooling-off समय बताना होगा, जब डायरेक्ट सेलर प्रोडक्ट सर्विस वापस देना चाहता हो और वो प्रोडक्ट Cooling-off अवधि में ख़रीदा गया हो।

(g)      कंपनी के प्रबंधक और अध्यक्ष पदों पर मौजूद लोगो में किसी पर भी दंडनीय अपराध का मामला पिछले 5 साल तक किसी भी कोर्ट में ना रहा हो।

(h)      कंपनी का अपना राज्य में क्षेत्राधिकार कायार्लय होना जरूरी है। जहाँ से सभी प्रोडक्ट/सर्विस का लेन देन समस्यों का निवारण हो। 

धारा 3: डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस चलाने के लिए शर्ते

1.       कंपनी द्वारा उप्लब्ध करवाये जाने वाले प्रोडक्ट/सर्विस के पहचान की जिम्मेदारी मालिक, ट्रेडमार्क चिन्ह, सेवा चिन्ह और अन्य पहचान चिन्ह के लाइसेंसधारक की होगी।

2.       कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर के लिए पहचान पत्र जारी करना होगा।

3.     कंपनी को स्वयं या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपने बिजनेस के प्रोडक्ट/सर्विस, संपर्क सूत्र, किमत, इनकम प्लान, डायरेक्ट सेलर की पूरी जानकारी रखनी होगी।

 (a)      कंपनी को समय-समय पर अपने डायरेक्ट सेलर की जानकारी अपडेट करनी होगी और संभालनी होगी।

(b)      डायरेक्ट सेलर की जानकारी में सत्यापित पता प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पैन की जानकारी शामिल होनी चाहिए।

4.    कंपनी की खुद की वेबसाइट होनी चाहिए। जिसमें कंपनी के संपर्क सूत्र, प्रबंधक, प्रोडक्ट और प्रोडक्ट की जानकारी, प्रोडक्ट क्वालिटी सर्टिफिकेट, कीमत, इनकम प्लान, कंपनी की नीति होनी चाहिए। इस वेबसाइट के सहारे ही 45 दिन में डायरेक्ट सेलर और उपभोक्ता की समस्या का समाधान होना चाहिए।

5.       कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर को कमिशन, बिक्री, बोनस, खरीदी समेत व्यापार की जानकारी समय-समय पर देनी होगी।

6.       कंपनी को डायरेक्ट सेलर पर मासिक निगरानी रखनी होगी। जिसमें कितने ख़रीददारी हुई इसपर नज़र रखी जायेगी। अगर खरीददारी की राशि वैट (Value Added Tax) सिमा से ज्यादा होगी, तो डायरेक्ट सेलर को वैट भुगतान के लिए सूचित किया जाएगा।

 7.       डायरेक्ट सेलिंग कंपनी :-

 (a)      गलत, अधूरी जानकारी और लालच देकर कंपनी में डायरेक्ट सेलर नही ला सकती है।

 

(b) कंपनी डायरेक्ट सेलर से ऐसे वादे नही कर सकती, जिनके पूरे होने की शत-प्रतिशत उम्मीद ना हो। यानी की कंपनी झूठे सपने दिखाकर लोगो को आकर्षित नही कर सकती है।

 

(c)   कंपनी डायरेक्ट सेलिंग की अच्छाई को गलत तरीके से और बड़ा-चढ़ाकर नही कह सकती है।


(d)    कंपनी इनकम प्लान और प्रोडक्ट/सर्विस का भृमित बखान नही कर सकती है।

(e)    कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को भी गलत तरीके से और भृमित कर के कंपनी को दर्शाने का अधिकार नही दे सकती है।

 

(f)  धोखाधड़ी, ज़बरदस्ती, अतर्कसंगत या गैरकानूनी तरीके से कंपनी और डायरेक्ट सेलर प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री और नए डायरेक्ट सेलर नही ला सकती है।

 

(g)    डायरेक्ट सेलर से कोई लाभ उपलब्ध करवाने, एंट्री फीस, नवीकरण फीस या फिर डायरेक्ट सेल के लिए उपकरण लाने के नाम पर कंपनी पैसा नही ले सकती है।कंपनी सिर्फ प्रोडक्ट/सर्विस की खरीद पर ही अपने डायरेक्ट सेलर से पैसा ले सकती है। 


(h)    डायरेक्ट सेलर को कंपनी,कंपनी में किसी को जोड़ने पर पैसा नही दे सकती है। कंपनी पैसा नए डायरेक्ट सेलर द्वारा की गई प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री पर ही कुछ प्रतिशत दे सकती है । 


(i)     कंपनी मासिक रूप से अंशदान या नवीकरण फीस नही ले सकती है।

8.       कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूटर और डायरेक्ट सेलर द्वारा बिक्री के लिए इस्तमाल किये जाने वाली प्रणाली की जिम्मेदार होगी। चाहे उस व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में जोड़ा गया हो।

 

धारा 4: डायरेक्ट सेलर और कंपनी के बीच डायरेक्ट सेलिंग पर समझौता


1.       हर कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में एक समझौता करना होगा।


(a)     इस समझौते को Indian Contract Act, 1872 के सेक्शन 10 के तहत प्रस्तुत किया जाएगा।


(b)      डायरेक्ट सेलर और कंपनी के अधिकार और दायित्व इन दिशानिर्देश के अलावा Indian Contract Act 1872 के भी अधिकार और दायित्व भी शामिल होंगे।

2.       यह समझौता लिखित में होगा, जिसमे भागीदारी की मुख्य परिभाषा को बताया हो,


(a)      कंपनी डायरेक्ट सेलर को निश्चित इकाई में प्रोडक्ट/सर्विस को निश्चित समय सीमा में खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है।

 

(b)      कंपनी डायरेक्ट सेलर को समय सीमा देगी,जिसमे वह ख़रीदा हुआ प्रोडक्ट/सर्विस को वापस देकर अपना पैसा रिफंड ले सकता है।

 

(c)      कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को नोटिस के साथ समझौता सम्पात करेगी, जब डायरेक्ट सेलर जुड़ने के बाद 2 साल तक कोई भी प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री नही करता है।

 

(d)      कंपनी के पास पूरी नीति होनी चाहिए,जिसमें डायरेक्ट सेलर द्वारा खरीदे प्रोडक्ट की बिक्री ना होने पर, डायरेक्ट सेलर उस प्रोडक्ट को कंपनी को वापस दे सके।अगर प्रोडक्ट बेचने योग्य रहता है तो। 

 

धारा 5: डायरेक्ट सेलर के कर्तव्य

 

1.      डायरेक्ट सेलर बिक्री के समय अपना पहचान पत्र साथ लेकर जाए। वही डायरेक्ट सेलर को बिना नियुक्ति/ अनुमति के उपभोक्ता के परिसर में नही जाना चाहिए।

2.      डायरेक्ट सेलर को बिक्री से पहले अपने उपभोक्ता के अनुरोध किये बिना ही खुद की पहचान, कंपनी की पहचान, प्रोडक्ट/सर्विस की जानकारी सत्यता और स्पृष्ट रूप में देनी होगी। 

3.       डायरेक्ट सेलर को उपभोक्ता को प्रोडक्ट/सर्विस, मूल्य, भुगतान/वापसी/गारंटी की शर्ते, बिक्री के बाद की सेवाओं को स्पृष्ट रूप से बताना होगा।

4.       बिक्री के समय उपभोक्ता को निम्न जानकारी दे :- 


(a)      डायरेक्ट सेलर को अपना नाम, पता, रजिस्ट्रेशन नंबर, टेलीफोन नंबर और कंपनी की जानकारी।

(b)      उपभोक्ता को दिए जाने वाले प्रोडक्ट/सर्विस का विवरण।

(c)      लेन-देन से पहले कंपनी के प्रोडक्ट/सर्विस की वापसी नीति की पूरी जानकारी ।

(d)      आर्डर की तारीख, उपभोक्ता द्वारा दी गयी कुल राशि, बिल और रसीद सहित ।

(e)      समय और जगह जहाँ प्रोडक्ट/सर्विस का विवरण किया हो और डिलीवर किया हो।

(f)     प्रोडक्ट/सर्विस को रद्द करने का अधिकार और अगर प्रोडक्ट बेचने योग्य हो, तो रिफंड              प्रकिया की जानकारी।

(g)      समस्या का निवारण करने की प्रक्रिया की जानकारी।

5.       डायरेक्ट सेलर के पास खुद का लिखित रिकॉर्ड होना चाहिए।जिसमे प्रोडक्ट,कीमत, टैक्स और मात्रा में प्रोडक्ट डायरेक्ट सेलर द्वारा बेचा गया होगा। जो नियम के अधीन हो।

6.       डायरेक्ट सेलर यह नही कर सकता :-

 (a)            गलत,अधूरी और भृमित कर व्यापार करना।

 

(b)            भृमित और गलत जानकारी से आकर्षित कर लोगो को अपने नेटवर्क में लाना।

 

(c)   उपभोक्ताओं से ऐसे वादे करना जो शत-प्रतिशत पूरे ना हो। उन्हें झूठे सपने दिखाकर बहकना।

 

(d)           अपने उपभोक्ता को डायरेक्ट सेलिंग की झूठे और कपटपूर्ण तरीके से अच्छाई बताना।

 

(e)      डायरेक्ट सेलिंग के समय जानबूझकर डायरेक्ट सेलर और कंपनी द्वारा गलत और भृमित प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री करना।

 

(e)       अपने नीचे जुड़ने वाले डायरेक्ट सेलर को ज़बरदस्ती ज़्यादा मात्रा में प्रोडक्ट ख़रीदने को मजबूर करना।


(g)     डायरेक्ट सेलर द्वारा सूची-पत्र (Prospectus) देना,जो की कंपनी द्वारा जारी किया गया ना हो।

 

(h)     उपभोक्ताओं को डायरेक्ट सेलिंग से जुड़ी प्रशिक्षण सामग्री या बिक्री हेतु उपकरण को खरीदने के लिए बाधित करना। 

 धारा 6: डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर के बीच संबंध

1.1  डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर के बीच के सम्बंध को लिखित समझौते से निर्धारित किया जाएगा। इंसमे डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर के बीच बिज़नेस चलाने के लिए दिशानिर्देश द्वारा बताए गए, जिसमें अधिकार और कर्तव्य शामिल है।

1.2     अन्य सभी अधिकार और कर्तव्य लिखित समझौते के अनुसार निर्धारित किये जाएगे।

1.3     डायरेक्ट सेलर द्वारा बेचे जाने वाले प्रोडक्ट/सर्विस पर आने वाली शिकायत की उत्तरदायित्व कंपनी होगी।

 

1.4     यह डायरेक्ट सेलिंग कंपनी की जिम्मेदारी है,की किस तरह उसके डायरेक्ट सेलर काम कर रहे है। 

 धारा 7: उपभोक्ता के सरक्षण हेतु आवरण

 

1.      डायरेक्ट सेलर और डायरेक्ट सेलिंग कंपनी को ही उपभोक्ता द्वारा दी गई निजी जानकारी के संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी।

2.        Consumer Protection Act 1986 के अधीन ही डायरेक्ट सेलर और कंपनी को मार्गदर्शित किया जाएगा।

3.     कंपनी के पास फोन, ईमेल, वेबसाइट, पोस्ट और व्यक्तिगत रूप से आने वाली शिकायतों की शिकायत संख्या होनी चाहिए, जिससे समाधान होने की जानकारी पता चलती रहे।

4.       सभी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए कंपनी के पास संस्था होनी चाहिए, जो इनका निवारण करे। 

 (a)      शिकायत निवारण समिति में कम से कम तीन अधिकारी होने चाहिए। 

 

(b)     यह समिति ही समस्याओं को निवारण करेगी और कोई भी कार्यवाही लेने पर शिकायतकर्ता को सूचना देगी।

 

(c)    आम जनता कंपनी के किसी भी डायरेक्ट सेलर, कंपनी के अधिकारी या कर्मचारी के ख़िलाफ़ शिकायत कर सकती है। 

(d)      ऐसी सभी शिकायतों का समाधान कंपनी खुद करेंगी। 

5.       कंपनी उपभोक्ता को खरीद कर निम्न जानकारी जरूर दे।

 (a)      खरीदने वाले और बेचने वाले का नाम। 

 (b)      प्रोडक्ट/सर्विस की डिलिवरी की तारीख। 

(c)      प्रोडक्ट/सर्विस को वापसी करने की प्रकिया।


(d)      त्रुटि के मामले में प्रोडक्ट को बदलने और वापसी की गारंटी। वही कोई भी डायरेक्ट सेलर ऐसा दावा नहीं करेगा, जो कंपनी निभा नही सकती है।

6.      कोई डायरेक्ट सेलर अगर ऑनलाइन प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री करता है,तो उसे पहले लिखित में कंपनी से लिखित में अनुमति लेनी होगी। 

धारा 8: पिरामिड स्कीम और पोंजी स्कीम पर रोक

 1.       कोई भी व्यक्ति धारा 1 के खंड 11 में बताई परिभाषा जैसी, पिरामिड स्कीम का समर्थन नहीं करेगा और किसी ओर व्यक्ति को पिरामिड स्कीम से जुड़ने को प्रेरित नही करेगा। 

 2.       कोई भी व्यक्ति डायरेक्ट सेलिंग के अवसर पर किसी भी Money Circulation Scheme में हिस्सा नही लेगा। 

 धारा 9: निगरानी प्राधिकरण की नियुक्ति

1.       उपभोक्ता और कंपनी के बीच मामले की निगरानी/जांच उस राज्य उपभोक्ता विभाग करेगी।

2.       राज्य सरकार स्वयं तंत्र बनाएगी,जो कंपनी और डायरेक्ट सेलर द्वारा दिशानिर्देश का पालन की निगरानी रखेगी।

3.       कंपनी जिस प्रदेश में डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस चला रही हो, उपभोक्ता विभाग को वचनपत्र भेजेगी।जिसमे वह दिशानिर्देश पालन करने का वचन देगी और अपने बिज़नेस की जानकारी समय-समय पर देती रहेगी। 


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